लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेडियोडायग्नोस्टिक विभाग में तैनात डा. नसीम जमाल ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ( वीआरएस) ले लिया है। इसके अलावा दो अन्य डाक्टर अपना काक्टेट समाप्त होने के बाद चले गये है। बताया जाता है कि केजीएमयू में लगभग विभिन्न विभागों के आर्धा दर्जन वीआरएस लेने का मूड बना चुके है।
केजीएमयू के रेडियोडायग्नोस्टिक विभाग के डा. नसीम जमाल ने भी अचानक वीआरएस ले लिया। इनके वीआरएस लेने के बाद केजीएमयू में अफरा-तफरी मच गयी थी। कई तरह की चर्चा होने लगी थी। डा. जमाल अपने काम के प्रति काफी गंभीर काम करने वाले कहे जाते है। पर डा. जमाल का कहना है कि काम करने में मन नहीं लग रहा था, कुछ व्यक्तिगत कारण थे। इस कारण वीआरएस लेना ही उचित समझा गया। इसके अलावा गत वर्ष डा. पी के श्रीवास्तव व डा. ज्योत्ना अग्रवाल भी अपना कांक्टेट समाप्त होने के बाद केजीएमयू छोड़ कर चले गये।
बताया जाता है कि विभिन्न विभागों के छह से ज्यादा डाक्टर वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे है। यह डाक्टर अपने क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ है आैर इनके वीआरएस लेने के बाद केजीएमयू में काक्टेट पर काम करना चाहते है। बताया जाता है कि इन सभी विशेषज्ञ डाक्टर निजी क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे है। बताते चले कि यूरोलॉजी विभाग के विभाग प्रमुख डा. दिवाकर दलेला ने भी वीआरएस लेने के बाद अपना क्लीनिक शुरू कर दिया था आैर संविदा पर विभाग में काम भी कर रहे है।