लखनऊ । केजीएमयू के डाक्टर केके सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी है। कोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए एक बार फिर बहाली के आदेश दिये है। यह भी कहा है कि पूरे विवाद की अवधि को चिकित्सक के रूप में उनकी सेवा अवधि में जोड़ा जाए। बताते चले कि जनवरी 2006 में केजीएमयू ने डा. केके सिंह को आगजनी आैर तीन अन्य आरोपों में निलम्बित कर दिया था। जून 2008 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इसके विरोध में डा. सिंह ने उच्चन्यायालय की लखनऊ खंड पीठ में याचिका दायर की थी। जनवरी 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने केजीएमयू को आदेश दिया कि वह फिर जांच कराना चाहे तो करें पर डा. सिंह के पूरे वेतन का भुगतान करें।
27 दिसम्बर 2012 को केजीएमयू ने फिर जांच कर डा. सिंह को बर्खास्त कर दिया था। इस बर्खास्तगी के खिलाफ डा. सिंह ने कोर्ट की शरण ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जुलाई 2014 को डा. सिंह की बर्खास्तगी का आदेश खारिज करते हुए उन्हें पूरी सेवा प्रदान करने का आदेश दिया। परन्तु केजीएमयू के जिम्मेदारों को कोर्ट के यह आदेश एक बार फिर गले नहीं उतरा।
उन्होंने 31 अक्टूबर 2014 को एक बार फिर हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी। कोर्ट ने इस बार भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया आैर आदेश दिया कि डा. सिंह को पूरा वेतन का भुगतान किया जाए, चाहे केजीएमयू डा. सिंह से काम ले या नहीं। उनके पूरे सेवाकाल में उनकी बर्खास्तगी की अवधि भी जोड़ी जाए।
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