लखनऊ। राजधानी में बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के प्रबंधन के लिए शासन द्वारा तैनात किये गयो स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक डा. जीएस बाजपेयी ने सोमवार को अपनी जिम्मेदारी सम्हाली ली। जिम्मेदारी सम्हालने के बाद तत्काल उन्होंने राजधानी के तीन अस्पतालों को कोविड अस्पतालों में तब्दील करते हुए दो सौ बिस्तर एल वन व टू के बढ़ा दिये है। इसके साथ ही नर्सिंग होम के प्रबंधकों से वार्ता करके मरीजों के भर्ती की क्षमता बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा आक्सीजन सिलेंडर के मूल्यों को नियंत्रित करके लिए अन्य विभागों से सहयोग लिया जा रहा है।
अपर निदेशक डा. जीएस बाजपेयी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी व निर्धारित टीम के साथ बैठक के बाद कोरोना मरीजों के लिए बिस्तर बढ़ाने के लिए राजधानी के तीन अस्पतालों का चयन किया गया। इनमें चिनहट स्थित महात्मा गांधी स्वास्थ्य केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मिलाकर 100 बिस्तर कोरोना मरीजों को लिए निर्धारित कर दिये गये है। इसके अलावा ठाकुरगंज स्थित टीबी अस्पताल के सयुक्त चिकित्सालय में60 बिस्तर तथा मोहनलालगंज स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में 60बिस्तरों पर कोरोना मरीज ही भर्ती किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह तीनों अस्पताल एल वन व एल टू ग्रेड के होंगे। डा. बाजपेयी ने बताया कि इसके साथ ही नसिंग होम के प्रबंधकों से वार्ता की गयी आैर उन्हें मरीजों के भर्ती के लिए क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया कि कोविड कंट्रोल रूम से ही मरीजों की भर्ती की जाएगी। इस प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही आक्सीजन सिलेंडर के मनमाने शुल्क पर लगाम लगाने के लिए अन्य विभागों से सहयोग लिया जा रहा है, ताकि निर्धारित शुल्क ही लिया जा सके। बताते चले कि अपर नि संयुक्त निदेशक डा. वाई के पाठक, संयुक्त निदेशक डा. विकास सिंघल, संयुक्त निदेशक डा. सुनील पांडेय को जोड़ा गया है। इसके अलावा मुख्य चिकत्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी इनकी टीम के साथ काम करेंगे आैर अपर निदेशक डा. जीएस बाजपेयी को ही रिपोर्ट करेंगे। बताते चले कि डा. जीएस बाजपेयी लखनऊ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनात रह चुके है। डा. बाजपेयी को प्रयागराज का कुं भ मेले में चिकित्सा व्यवस्था संचालन करने का श्रेय भी दिया जा चुका है।












