लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रो. आशीष वाखलू की मुश्कि ले बढ़ सकती है। डा. बाखलू पर लगे घोटाले से जुड़ी जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया है। शासन से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। शासन ने जांच कर रिपोर्ट को तीन महीने के अंदर देने के लिए कहा है। डॉ. आशीष वाखलू पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में छह जनवरी को चौक कोतवाली में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डा. आरएएस कुशवाहा की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताते है कि दर्ज मुकदमें डॉ वाखलू पर आरोप है कि उन्होंने अपनी एक कंपनी बनाकर उसे लगातार भुगतान किया, जिसमें धन का दुरुपयोग किया गया। केजीएमयू का आरोप लगाया है कि चिविवि के बजट से तैयार किये गये मनमाने तरीके से सॉफ्टवेयर को एम्स जोधपुर समेत दूसरे संस्थानों को बेच दिया गया।
आरोप है कि इलाहाबाद बैंक में पांच अकाउंट डॉ वाखलू के नाम पर संचालित हो रहे हैं, जिसमें रिसर्च प्रॉजेक्ट के अकाउंट की धनराशि भी भेजने का भी आरोप लगा है। इन आरोपों पर डॉ अशीष वाखलू का कहना है कि मैं सरकार का पूरा सम्मान करता हूं और इस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। मेरे पास खुद को निर्दोश साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं। बताते चले कि डा. बाखलू पर लगे आरोप की केजीएमयू प्रशासन की ओर से भी एक समिति जांच कर रही है। इस प्रकरण से जुड़े सभी संबंधित के बयान भी दर्ज किये जा चुके हैं। हालांकि समिति की ओर से अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जाता है कि कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट का कार्यकाल अगले ही महीने समाप्त हो रहा है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।
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