लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने एचबीएसएजी व अन्य संक्रमित मरीजों की सर्जरी बंद कर दी है। इससे डाक्टरों में आक्रोश व्याप्त है। एक डाक्टर ने तो अस्पताल के निदेशक डा. राजीव लोचन को पत्र लिख कर आक्रोश जताते हुए एचबीएसएजी व अन्य संक्रमित मरीजों की सर्जरी रोकने का कारण पूछा है। डाक्टरों का कहना है कि यह मरीजों के हित में काम नहीं हो रहा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन मनमानी कर रहा है। इसके तहत अव्यवस्थाओं से कुछ दिन पहले डाक्टरों ने नाराजगी जतायी थी,लेकिन अचानक संक्रमित मरीजों की सर्जरी भी बंद होने से आक्रोश डाक्टरों के अलावा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ में भी फ ैलने लगा है। डाक्टरों का मानना है कि बलरामपुर अस्पताल एक रेफरल सेंटर है आैर यहां पर आस-पास जनपदों के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते है। न्यूरो सर्जन डा. रघुवीर श्रीवास्तव ने बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डा. राजीव लोचन को पत्र लिख कर पूछा है कि एचबीएसएजी के मरीज की अचानक सर्जरी क्यों रोक दी गयी है। कुछ दिन पहले निरस्त हुई सर्जरी का जिक्र करते हुए पत्र में पूछा गया है कि शासनादेश अगर जारी किया गया हो, तो उसकी जानकारी अस्पताल के डाक्टरों को दी जाए।
एचबीएसएजी मरीजों की सर्जरी के लिए अस्पताल प्रशासन इससे पहले पूर्ण सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराये जाते रहे है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान प्रशासन ने स्वैच्छा से सम्बधित मरीजों का इलाज बलरामपुर अस्पताल में न होने देने का अमानवीय निर्णय कर दिया है। डा. श्रीवास्तव ने अस्पताल प्रशासन को भेजा पत्र प्रमुख सचिव शासन, महानिदेशक स्वास्थ्य, परियोजना निदेशक, राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, पिकप भवन को भी भेजा है।












