लखनऊ। चिकित्सक की लापरवाही का दंश क्षेल रही प्रसूता आखिरकार जिंदगी की जंग हार गयी। राजधानी के इन्दिरा नगर स्थित बाल महिला चिकित्सालय मेें महिला चिकित्सक की लापरवाही के चलते जिंदगी और मौत के बीच झूल रही प्रसूता की हालत बीते १५ दिनों से गंभीर बनी हुयी थी ,केजीएमयू में १५ दिन चले इलाज के बाद मंगलवार को शाम ४ बजे प्रसूता की सांसे उखड़ गयी। प्रसूता को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर से गांधी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।
केजीएमयू के चिकित्सकों ने लगातार प्रसूता के स्वास्थ्य पर नजर बनाये रखी थी,बीते दिनों उसे वेंटीलेटर पर भी रखा गया। इस बीच प्रसूता की कई बार डायलिसिस भी की जा चुकी थी,साथ ही १२ यूनिट से ज्यादा ब्लड भी चढ़ाया गया। परिजनों की माने तो एक चिकित्सक की लापरवाही ने मरीज की जान खतरे में डाल दी है। पति अनवर ने बताया कि बीते ५ दिसम्बर से लेकर अभी तक लगभग १ लाख से ज्यादा रुपये इलाज में खर्च हो गये। साथ ही रोजाना ब्लड की व्यवस्था करनी पड़ रही थी।
ब्लड की व्यवस्था भी अब मुश्किल से हो पा रही थी। कई दोस्तों व रिश्तेदारों ने मिलकर रक्तदान किया था। जिसके कारण लगभग १४ यूनिट ब्लड की व्यवस्था हो पायी थी। अब तो खून मिलना भी दुश्वार हो रहा गया था। लेकिन हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ और मरीज ने दम तोड़ दिया। अनवर के मुताबिक बाल महिला चिकित्सालय की महिला चिकित्सक द्वारा किये गये आपरेशन में घोर लापरवाही बरती गयी है। जिसके कारण प्रसूता मौत के मुहाने पर आकर खड़ी हो गयी है।
अलीगंज के पाण्डेय टोला निवासी अनवर खान की पत्नी सहनूर खान २५ को बीते ५ दिसम्बर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने इन्दिरा नगर स्थित बाल महिला चिकित्सला में भर्ती कराया।
वहां मौजूद चिकित्सक ने जांच रिपोर्ट देखने के बाद तत्काल ऑपरेशन की बात कही। पति अनवर की माने तो पांच तारीख को सुबह ९ बजे पत्नी को भर्ती कराया और उसके १५ मिनट बाद ही वहां की महिला चिकित्सक ने ऑपरेशन भी कर दिया, ऑपरेशन करने के एक घंटे बाद प्रसूता के टांकों से रक्तस्राव शुरू हो गया,उसकी हालत बिगडऩे लगी। जब चिकित्सक ने प्रसूता की हालत देखी तो इलाज करने के बजाय। किसी दूसरे अस्पताल जाने को कहने लगी,इस पर परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस से प्रसूता को क्वीन मेरी अस्पताल भेजा। पति अनवर ने बताया कि क्वीन मेरी अस्पताल में जगह नहीं मिल पायी,जिसके बाद मरीज को ट्रामा सेंटर लेकर गये।
वहां पर चिकित्सकों ने मरीज की हालत गंभीर देख तीसरे तल बने वेंटीलेटर यूनिट में प्रसूता को
भर्ती कर इलाज शुरू किया। लेकिन तीन दिन बाद प्रसूता को ट्रामा सेंटर से गांधी वार्ड भेज दिया गया। बीते दो दिन पहले हालत बिगडऩे पर मरीज को वेंटीलेटर पर रखा गया था। जिसके बाद मंगलवार को शाम ४ बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।