अपना काम बनता भाड़ में जाये जनता की कहावत स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के क्रियाकलाप से साफ दिखाई पड़ रही है। आये दिन स्वास्थ्य महकमे को चुस्त दुरूस्त करने की बात सिर्फ हवा-हवाई साबित हो रही है। नेताओं व अधिकारियों के सब्जबाग जनता की सेहत ही मन भी बिगाड़ रहे हैं । अधिकारी दूरदराज के लोगों को स्वास्थ्य सुविधायें पहुंचाने की बात कर रहे हैं,लेकिन राजधानी में ही लोग इलाज व दवा के लिए दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं। जहां एक तरफ अधिकारी जनता के पैसों पर मौज काट रहे हैं । वहीं बेचारी जनता एक अदद दवा के लिए निजि अस्पतालों पर निर्भर है।
इन अधिकारियों की ही देन है कि रोजाना लगभग तीन हजार की ओपीडी वाले महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल में अगस्त माह से शुरू हुआ बवाल आज तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वैसे तो राजधानी के सभी बड़े अस्पतालों में इस समय दवाओं की भारी कमी है। लेकिन भाऊराव देवरस अस्पताल में बीते ८ महीने में दवाओं के नाम पर मरीजों को टहलाया जाता रहा है। अस्पतालों में दवा की कमी के चलते आये दिन मरीजों व उनके तीमारदारों का गुस्सा जनता को झेलना पड़ता है। इतना ही नहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी यहां पर बवाल का अड्डा बनी हुयी है। बीते अगस्त माह में पूरे प्रदेश के चिकित्सकों के तबादले हुये थे,उसी समय यहां के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.अनिल कुमार श्रीवास्तव का तबादला गोण्डा के जिला अस्पताल में हो गया था।
वहीं भाऊराव देवरस अस्पताल में डा.भरद्वाज को सीएमएस बनाया गया था। लेकिन पूर्व सीएमएस डा.अनिल अपना पद छोडऩे के लिए तैयार नहीं थे। वहीं भरद्वार भी सीएमएस की कुर्सी के लिए अड़ेे हुए थे। आये दिन इनदोनों लोगों की लड़ाई चर्चा का विषय थी। उक्त बातों की जानकारी प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी को भी थी,लेकिन वह भी इस मामले में कुछ बोलना नहीं चाह रहे थे।
दोनों सीएमएस की लड़ाई का खामियाजा मरीजों को उठना पड़ रहा था। जिसका सिलसिला आज तक जारी है। बाद में डा.भरद्वार का तबादल कहीं और कर दिया गया,लेकिन डा.अनिल आज भी भाऊराव देवरस अस्पताल में जमे हुए है। अभी हाल ही में अस्पताल के सीनियर डाक्टर डा.अजय कुमार श्रीवास्तव को सीएमएस का चार्ज दे दिया गया था। वह भी आये दिन अस्पताल से गायब रहते थे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने काटा बवाल
भाऊराव देवरस अस्पताल के मौजूदा सीएमएस डा.अजय कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार सुबह से ही बवाज काटना शुरू कर दिया। सूत्रों की माने तो पूर्व सीएमएस के आदमी को देखते ही डा.अजय कुमार श्रीवास्तव भड़क गये। उसे अस्पताल से बाहर जाने का फरमान सुना दिया। इससे भी जब उनका मन नहीं भरा तो मरीजों व ओपीडी में बैठे चिकित्सकों से भिड़ गये। मामला बढ़ता देख अस्पताल के कुछ सीनियर चिकित्सकों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया।
इसके बाद दोपहर में अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। महानगर निवासी इमरान ने बताया कि उन्होंने चप्पल पहन रखी थी। इसकों देखकर एक चिकित्सक भड़क गये और अस्पताल के अन्दर जाने से मना कर दिया। उसके बाद वह इमरजेंसी में बैठे चिकित्सक पर भड़क गये। अस्पताल के गेट पर घंटों हंगामा चलता रहा,लगभग ३ बजे डा.अजय कुमार श्रीवास्तव के परिवार वाले आये और उन्हें घर लेकर चले गये। तब जाकर मामला शांत हुआ।
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