25 करोड़ लागत की मशीन से कैंसर के स्टेज की पहचान होगी आसान
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के मरीजों को पेट स्कैन जांच कराना आसान होगा। अभी तक पेट स्कैन जांच 15 से 20 किलोमीटर दूर जाकर जांच नहीं करानी पड़ती थी। कैंसर मरीजों की नये वर्ष से संस्थान परिसर में ही जांच हो सकेगी। शुक्रवार को संस्थान में पूरी तरह से डिजिटल पेट स्कैन मशीन पहुंच चुकी है।
मरीज के शरीर में कैंसर कितना बढ़ चुका है। इसका पता लगाने के लिए पेट स्कैन जांच होती है। अभी तक कैंसर संस्थान में पेट स्कैन मशीन न होने के कारण मरीजों को 15 से 20 किलोमीटर दूर जांच कराने जाना पड़ रहा था। संस्थान प्रशासन ने दो निजी संस्थानों में पेट स्कैन जांच के लिए करार किया था। इसलिए मरीजों को जांच के लिए दोनों डायग्नोस्टिक सेंटर में भेजा जा रहा है। सरकारी दर पर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में पेट स्कैन जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने बताया कि संस्थान में पहली अत्याधुनिक डिजिटल पेट सीटी स्कैन मशीन पहुंच चुकी है। इस अत्याधुनिक मशीन के आने से कैंसर के शुरुआती स्तर पर सटीक पहचान की जा सकेगी। कैंसर की स्टेज व लाइन आफ ट्रीटमेंट करने में सहायत मिलेगी। उन्होंने बताया कि मशीन की अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि मशीन का रेजोल्यूशन बहुत अच्छा होने के साथ अधिक संवेदनशीलता है। इसमें ब्रोन, फेफड़े, ब्रोस्ट, हेड-एंड-नेक, लिम्फोमा, बड़ी आंत, पेट व दूसरे अंगों के कैंसर की जांच व इलाज करने में बड़ी मदद मिलेगी। यह मशीन ट्यूमर की मेटाबॉलिक गतिविधि को अत्यंत सटीक रूप से पहचान कर सकेगी, जिससे व्यक्तिगत और प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा। इससे कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी व रेडियोथेरेपी सहित इलाज कितना असर कर रहा है। इसका भी आंकलन भी किया जा सकेगा।












