डायबिटीज से जुडी कुछ आम गलतफहमियां !

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Photo Source: http://thewakeupcallradioshow.com

शक्कर या मिठाई बहुत ज्यादा खाने से डायबिटीज हो जाता है!

यह बिल्कुल गलत है. अभी तक इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है. डायबिटीज की कहीं ज्यादा गहरा तालुक फैमिली हिस्ट्री खान पान की गलत आदतों और कसरत या शारीरिक मेहनत कम करने या बिल्कुल ना करने से है.

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संतुलित भोजन करने से खून में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती!

गलत सच्चाई यह है कि खान पान की सभी वस्तुओं से शरीर को कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्त होता है और शरीर मैं यदि क़ुदरती तौर पर आवश्यक इंसुलिन मौजूद है या डायबिटीज ग्रस्त व्यक्ति इंजेक्शन द्वारा इंसुलिन ले रहा है तो भोजन से प्राप्त कार्बोहाइड्रेट्स पक्ष जाएगा. फल स्वरुप खून में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ेगी यदि आप शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम बन रही है या शरीर इंसुलिन का इस्तेमाल कारगर ढंग से नहीं कर पा रहा है. तो आप चाहे कितना भी हेल्दी फूड ले ब्लड शुगर बनना निश्चित है.

सिर्फ मेडिकल इलाज ही डायबिटीज को कंट्रोल करने का एक मात्र उपाय हो सकता है!

नहीं सिर्फ मेडिकल इलाज से काम नहीं चलेगा डायबटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें खानपान अहम भूमिका अदा करता है दवाएं तो इलाज का एक हिस्सा है यह कारगर ढंग से असर कर.ें इसके लिए स्वस्थ जीवनशैली और तनाव मुक्त रहना भी बेहद जरूरी है. कहने का मतलब डायबिटीज ग्रस्त व्यक्ति दवा पौष्टिक आहार व नियमित रूप से कसरत करके स्वस्थ एवं सामान्य जीवन जी सकता है.

डायबिटीज का मरीज यदि इंसुलिन का इंजेक्शन ले रहा है तो उसे खानपान में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है!

ऐसा नहीं है इंसुलिन लेने का यह मतलब नहीं कि आपको कुछ भी खाने और शारीरिक मेहनत ना करने की छूट मिल गई है. डायबिटीज से ग्रस्त होने पर खानपान में बदलाव बेहद जरूरी है चाहे मरीज उनसे इंसुलिन ले रहा हो या ना ले रहा हो.

डायबिटीज ग्रस्त व्यक्ति शुगर फ्री उत्पादों का बेहिचक सेवन कर सकता है!

नहीं शुगर फ्री का यह मतलब कतई नहीं है कि उत्पाद कैलोरी फ्री भी है. लिहाजा जिस भी शुगर फ्री उत्पाद का इस्तेमाल करें सबसे पहले उसकी कैलोरी जरूर चक्कर ले इस तरह ली गई कुल कैलोरी की गणना करना आसान होगा और कैलोरी को काबू में रखना भी फल स्वरुप खून में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करने में बनाए रखा जा सकता है.

रोजमर्रा के तनाव का तालुक डायबिटीज से नहीं है!

दरअसल, रोजमर्रा के तनाव के साथ साथ भावनात्मक उतार-चढ़ाव और संकट पूर्ण स्थितियां ब्लड शुगर को बनाने में अपनी भूमिका निभा सकती है लिहाजा डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्तियों को रिलैक्सेशन तकनीकी जैसे योगा मेडिटेशन आदि का सहारा लेना चाहिए ताकि वह तनाव मुक्त हो सके .

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को स्पेशल फूड ही लेना चाहिए!

ऐसा कुछ भी नहीं है स्वस्थ लोग खान-पान किचन वस्तुओं का प्रयोग करते हैं उन्हीं का सेवन डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति भी कर सकते हैं लेकिन सीमित मात्रा में वैसे हम आपको बता दें कि डायबिटीज के मरीजों के लिए स्पेशल फूड के नाम पर जो चीजें बाजार में बेची जाती हैं वह ज्यादातर पैसा कमाने का जरिया ही होती है.

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