लखनऊ। बलरामपुर की इमरजेंसी से मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने के प्रकरण को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया है। डिप्टी सीएम ने अस्पताल के निदेशक को दो दिन में मामले की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में डिप्टी सीएम ने खुद ही प्रश्नों के उत्तर मांगते हुए इमरजेंसी की चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिये। चर्चा है कि अगर जांच निष्पक्ष रूप से की जाती है, तो डाक्टर सहित पैरामेडिकल स्टाफ, मौके पर तैनात कर्मचारी व सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई हो सकती है।
दड़द्मडिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस प्रकरण को गंभीरता से हुए कहा कि इमरजेंसी में मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला है। निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने सरकारी स्ट्रेचर का प्रयोग कैसे किया। उस वक्त इमरजेंसी के कर्मचारी क्या कर रहे थे।
अस्पताल गेट के पास निजी एम्बुलेंस कैसे खड़ी हो गयी। सुरक्षा गार्ड कहां थे। डिप्टी सीएम ने इन बिन्दुओं पर निदेशक डॉ. रमेश गोयल से जांच करने के लिए कहा है। दो दिन के भीतर जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी है। जांच में दोषी पाए गए डॉक्टर-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई होगी।












