10 महीने से केजीएमयू प्रशासनिक अधिकारियों की परिक्रमा कर रहे चयनित अभ्यर्थी
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में 324 पैरामेडिकल स्टाफ और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की तैनाती का मामला पिछले 10 महीनों से अधिकारियों की लापरवाही के कारण अटका हुआ है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है, जिससे नाराज करीब 200 कर्मचारी लगातार कुलपति और कुलसचिव कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रमुख बिंदु:
भर्ती प्रक्रिया का सफर: केजीएमयू में नवंबर 2024 में 324 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसके लगभग एक साल बाद नवंबर 2025 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
दस्तावेज सत्यापन और आंशिक तैनाती: चयन के बाद दिसंबर 2025 में पहले चरण के तहत 80 चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेजों और अनुभव प्रमाण-पत्रों की जांच कर उन्हें तैनाती दे दी गई थी।
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राज्यपाल कार्यालय की मंजूरी: कार्यपरिषद से प्रस्ताव पास होने के बाद अंतिम मुहर के लिए फाइल राज्यपाल के पास भेजी गई थी, जहां से मंजूरी मिलने के बाद शेष नियुक्तियों का दावा किया गया था।
अधिकारियों का आश्वासन: शुक्रवार को चयनित कर्मचारियों ने कुलपति और कुलसचिव से मुलाकात की, जहां उन्हें जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन मिला है।
प्रभावित विभाग:
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने जानकारी दी है कि रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन, एक्स-रे, ओटी सहायक, फार्मासिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य विभिन्न विभागों से जुड़े पदों पर तैनातियों की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई जा रही है।











