न्यूज। प्रदेश में मुरादाबाद के जिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय के परिजनों ने वैक्सीनेशन के बाद रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मौत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वार्ड बॉय महिपाल सिंह को शनिवार को कोरोना वैक्सीन लगवाने के अगले दिन मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि टीका लगने के बाद से महिपाल की हालत बिगड़ी और रविवार शाम उनकी मौत हो गयी । उधर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दावा किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक के कारण मौत बताई गई है कोरोना वैक्सीन नेशन के कारण कोई रिएक्शन नहीं हुआ है। हालांकि बातचीत में वार्ड बॉय के पिता यह भी बताया है कि उसे निमोनिया की शिकायत बनी हुई थी, लेकिन वैक्सीन लगने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ नहीं लगी। रविवार को वार्ड ब्वॉय के घर पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि ने कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद रिएक्शन से मौत संभव नहीं है। वार्ड बॉय को सांस फूलने और सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। वहीं वैक्सीनेशन के बाद एक डॉक्टर समेत चार और लोगों ने बुखार की समस्या बताई है।
जानकारी के अनुसार मुरादाबाद जिला अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वॉय महिपाल सिंह ने शनिवार को जिला अस्पताल केंद्र में कोरोना का वैक्सीन लगवाया था। इसके बाद उसने नाइट ड्यूटी भी की। बताते हैं कि घर लौटने पर रविवार को दोपहर के बाद उनको सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न महसूस हुई। एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया ,लेकिन इस दौरान उनकी मौत हो चुकी थी। महिपाल की मौत की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसके घर पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी और सीएमओ डॉक्टर एमसी गर्ग ने परिजनों से भी मुलाकात कर बातचीत की। सीएमओ का दावा है कि कोरोना के टीके से रिएक्शन की बात प्राथमिक जांच में सामने नहीं आई है। परिजन उनके सीने में जकड़न और सांस फूलने की शिकायत बता रहे है।
उधर, महिपाल के बेटे विशाल ने बताया कि पिताजी की वैक्सीनेशन होने के बाद ही हालत बिगड़ी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनको निमोनिया की शिकायत थी लेकिन टीके ने उनकी तबीयत अचानक बिगाड़ दी। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि सीएमओ ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी है सीएमओ ने कहा है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सही वजह पता चलेगी।












