चिकित्सा के साथ व्यावसायिक शिक्षा भी जरूरी

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लखनऊ। एपीएसआईकॉन -2018 के आखिरी दिन व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया। इसके अलावा अगले वर्ष दिसम्बर 2019 में भुवनेश्वर में सम्मेलन प्रस्तावित है। अंतिम दिन कोजीकोड की प्रो. शीजा राजन ने कहा कि अभी भी चिकित्सा प्रशासन व चिकित्सा शिक्षा में मूलभूत सुधार की आवश्यता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे शैक्षिक विकास के साथ- साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी विकसित की जा सके।

आयोजन समिति के सचिव डा. राज कुमार ने बताया कि पांच दिनों की काफ्रेंस में देश- विदेश के 750 से भी अधिक प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञों ने एक हजार से भी अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किये। जिससे नयी तकनीक की जानकारी हो सकी। डा. सुरजीत ने बताया कि भट्टाचार्य ने बताया कि नये शोध के अलावा सर्जरी में नयी जानकारी मिलने से सभी अपडेट हो गये। शैक्षिक जानकारी से कहीं कही सभी को फायदा होगा। डा. वैभव खन्ना ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी में लगातार नयी तकनीक आ रही है। क्रेनियोफेशियल सर्जरी से लेकर अन्य सर्जरी तक प्लास्टिक सर्जन्स की भूमिका महत्वपूर्ण भूमिका बनती जा रही है।

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