स्वास्थ्य विभाग में टीबी के मरीजों की स्कूटनम की जांच के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला हो गया है। यह घोटाला जिला क्षय रोग अधिकारी व एक अन्य अधिकारी ने किया है। घोटाले का खुलासा होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दो सदस्यीय टीम बना कर जांच के आदेश दे दिये है। स्वास्थ्य विभाग के तहत क्षय रोग अभियान के संचालन में उसके अधिकारी ही गड़बड़ी रहे है। जिला क्षय रोग अधिकारी व एक अन्य अधिकारी पर स्कूटनम की जांच के लिए भेजे जाने वाले नमूने का शुल्क में गड़बड़ी कर दी हैै। इलाज में मरीज को टीबी का संदेह होने पर जांच के लिए उसका स्कूटनम यानी बलगम लिया जाता है। यह जांच के लिए नमूना ह्यूमन कूरियर के माध्यम से जांच केद्र तक भेजा जाता है। इसके लिए ह्यूमन कूरियर को भुगतान भी किया जाता है।
बताया जाता है कि लम्बे समय से स्कूटनम की जांच कराने के लिए मरीज खुद या किया अन्य माध्यम से नमूना जांच के लिए केंद्र भेजा रहा था। इसका भुगतान कागजों पर लगातार हो रहा था। इसकी शिकायत कुछ कर्मियों ने करने की कोशिश की तो डरा-धमका शांत करा दिया। यह भुगतान लाखों रुपये करा दिया गया तो इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में कर दी गयी। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ( सीएमओ) डा. नरेद्र ने इसकी प्राथमिक स्तर पर जांच की पता चला कि अन्य लोगों ने इस घोटाले की शिकायत की है। सीएमओ ने तत्काल इस घोटाले को संज्ञान में लेते हुए डिप्टी सीएमओ स्तर के दो अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिये है। सीएमओ ने बताया कि जांच प्रत्येक स्तर पर करायी जा रही है। जांच रिपोर्ट को शासन स्तर पर भेज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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