लखनऊ। होटल क्लार्क अवध में आज बाल रोग विशेषज्ञों का जमावड़ा था, सभी ने एक मत से माना जब उनके जमाने में एक्सरें आैर अन्य अत्याधुनिक जांच नहीं थी। अब अत्याधुनिक जांच की सुविधा तो है आैर इलाज भी बेहतर होता है, परन्तु इतने वर्षो में न्यूट्रीशियन की समस्या समाप्त नहीं हुई है, लेकिन इसके लिए डाक्टर नहीं अभिभावकों जागरूक होना होगा। विशेषज्ञों ने यह भी माना कि बच्चों में ब्लड प्रेशर, हाइपरटंेशन , कार्डियक दिक्कत बढ़ रही है।
पीडियाट्रिक कार्डियक की गिनी चुनी डा. मुनेश तोमर ने बताया कि जन्मजात कार्डियक बीमारी तो मिल ही रही है, लेकिन बच्चों में ब्लड प्रेशर की दिक्कत बढ़ रही है। बच्चों में बढ़ता मोटापा भी ब्लड प्रेशर होने का बड़ा कारण है। उनमें तनाव बढ़ रहा है। उन्हें हाइपरटेंशन की बीमारी हो रही है। यही नहीं कुछ बच्चों में कार्डियक दिक्कत भी देखने को मिलती है। हर वर्ग के बच्चों की समस्या अलग अलग होती है। डा. दिनेश बताते है कि बच्चों में कुपोषण की दिक्कत कम नहीं हो रही है। किसी में ज्यादा है तो किसी भी कम है। सब खान पान पर निर्भर है। इसका ध्यान डाक्टर नही अभिभावको को करना होगा। जो कि नजर अंदाज करते आ रहे है।
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