ब्लड जांच में नार्मल रेंज में बदलाव की कोशिश

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लखनऊ। बायोकेमिस्ट्री जांच में अभी तक जो मानक दिखाये जाते है, वह ज्यादातर विदेशी मानक होते है। इन मानकों का यहां होने वाली बीमारियों का नार्मल रेंज क्या होना चाहिए। इसकी चर्चा चार दिवसीय सम्मेलन में देश के वैज्ञानिक व विदेशी वैज्ञानिक करेंगे। सम्मेलन के आयोजक सचिव प्रो.अब्बास अली मेंहदी ने बताया कि 44 वर्षो में पहली बार एसोसेशियन आफ क्लीनिकल बायोकेमिस्ट्स के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बायोकेमिस्ट्री जांचों को बेहतर करने व अन्य विभिन्न बीमारियों के होने के कारणों व बचाव की जानकारी शोध वैज्ञानिकों और डाक्टरों को एक समान प्लेटफार्म पर ला कर देना है।

उन्होंने बताया कि सभी डाक्टण व वैज्ञानिकों को एक साथ लाने और उनके बीच गहराई से विचार विमर्श करना है। वैज्ञानिक समिति द्वारा एक सूचनात्मक वैज्ञानिक कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमें विश्व के प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा उत्कृष्ट इंटरैक्टिव शैक्षिक सत्र आयोजित किये जायेंगे। इसमें बायोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों के बारे में बात जानकरी दी जाएगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन मे देश विदेश से विशेषज्ञ डाक्टर भाग लेंगे जहॉ प्रतिभागियों को सीखने और शिक्षा के अवसर प्राप्त होगा़ । राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट द्वारा चिकित्सा विश्वविद्यालय के साइंसटिफिक कन्वेन्शन सेंटर में किया जायेंगा।

इस अवसर पर प्रोफेसर मोर्रिजियो फेरारी (इटली), सचिव, इंटरनेशन फेडरेशन ऑफ क्लिनिकल केमिस्ट्स, डा. गुस्तावो जुबेटा-काल्लेजा (बोलिविया) और प्रोफेसर हॉवर्ड मॉरिस (ऑस्ट्रेलिया) सचिव- इलेक्ट्रीक, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ क्लिनिकल केमिस्ट्स, गेस्ट आफ आनर एवं प्रोफेसर पूर्णिमा ए. मांजरेकर (केएमसी, मैंगलोर), सचिव, एसीबीआई, प्रोफेसर राजीव आर. सिन्हा (पटना), महासचिव एसीबीआई, प्रोफेसर एए. मेहंदी, आयोजन सचिव (एसीबीआईकान- 2017), डा. शिवानी पाण्डेय और डा. दिलउत्पल शर्मा, सयुक्त आयोजन सचिव के रूप में उद् घाटन समारोह में उपस्थित होगे।

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