लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मानकों के अनुसार बिजली आपूर्ति के लिए की गयी वायरिंग व उपकरण न लगाये जाने पर आये दिन शार्ट सर्किट हो रहे है। कुछ दिनों के अंदर प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओटी व नेत्र रोग विभाग में लगातार दो दिन शार्ट सर्किट होने की घटनाएं होने से डाक्टर व मरीज बेहाल हो गये। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने अभी तक जांच नहीं करायी है।
नेत्र रोग की ओपीडी में आठ अप्रैल को वातानुकूलित उपकरण चलाने पर कुछ ही देर में शार्ट सर्किट से आग लग गयी थी। इसके बाद वहां पर मरीजों की ओपीडी नहीं चल पायी थी। दूसरे दिन ओपीडी शुरु ही थी कि एक बार शार्ट सर्किट होने पर आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी थी। केजीएमयू प्रशासन ने पुरानी वायरिंग होने की दुहाई दी थी, लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो वायरिंग के दौरान को बिना पाइप के ही लगा दिये गये। इसके अलावा सामान्य कनेक्शन से ही एसी के लिए पावर पॉइट दे दिया गया था। इस कारण लोड ज्यादा न झेल पाने से शार्ट सर्किट हो गया था।
अब वहां पर नयी वायरिंग का काम चल रहा है। इसके अलावा प्लास्टिक सर्जरी विभाग में ओटी के अंदर ही शार्ट सर्किंग होने के कारण गंभीर मरीजों को भी शिफ्ट करना पड़ा था। यहां भी मानकों के अनुसार काम न होने के कारण शार्ट सर्किंट हो गया था। बताया जाता है कि कई बार विभाग प्रमुखों ने विभाग में बिजली मरम्मत का काम मानक के अनुरूप होने की शिकायत दे चुके है, लेकिन केजीएमयू प्रशासन शिकायतों को नजर अंदाज कर देता है। बताया जाता है कि बिजली मरम्मत का ज्यादातर ठेकेदारी व्यवस्था के काम कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार का कहना है कि शिकायतों की जांच करायी जाएगी आैर दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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