लखनऊ। किंग जॉर्जचिकित्सा विश्वविद्यालय के 108 वेंस्थापना दिवस पर आयोजित छह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम के तीसरे दिन बडी आँत, गुदानाल, गुदा व रक्त वाहिकाओं से सम्बन्धित बीमारियों पर नयी तकनीक की जानकारी दी गयी। बवासीर, भगंदर, नासूर पर विशेषज्ञ प्रो. अरशद ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी भी लोग भ्रामक जानकारी होने के कारण गलत इलाज कराते है, जब कि नयी अत्याधुनिक तकनीक से दवाओं व सर्जरी से समस्या का इलाज किया जा सकता है।
टाटा मेमोरियल हास्पिटल मुम्बई से प्रशिक्षित डा. कमलेश वर्मा ने बडी आँत व मलाशय के कैंसर के उपचार की विभिन्न अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मलद्वार से खून का आना इसका लक्षण हो सकता है तथा बताया की अगर पेट साफ नही ंहो रहा तथा बारबार शौच लगे तो यह बीमारी हो सकती है।
डॉ. राहुल सिंह ने गुदा नाल भगंदकर के लक्षण एवं उपचार संबन्धित जानकारी दी। यह बीमारी ऑपरेशन के बाद या अन्य बीमारियां से होती है।
कमांड हास्पिटल के डॉ पवनबंगा, डॉ. उस्मानमूसा, डा. राहुल, डा. पुनीत तथा पीजी छात्रो से वार्तालाप की और बताया कि अगर दाहिने तरफ पेट की गॉठ कोलन का कैंसर हो सकता है। एम्स के डा. सौरभ गलोढा ने सर्जिकल मरीजो में पोषण के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी सर्जरी को दुबले पतले या कुपोषित लोगो में करना खतरनाक हो सकता है। प्रो. वी के. कपूर ने कहा कि मौखिक के साथ लिखित प्रपत्र मरीजों के इलाज में जरूर सम्भाल कर रखें।
प्रो. विनोद जैन ने मेडिकल एथिक्स एंड सर्जरी के बारे में बताया।
सीटीवीएस विभाग के डॉ. अम्बरीश कुमार ने छात्रों को ओपेन व दूरबीनविधि से टॉकेलगाने व ऑपरेशन करने की बारिकियों लैपारास्कोपिक सूचरिंग बतायी।
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