लखनऊ. कई दिनों की उठापटक के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग में जिला प्रशासन की मदद से कैंट रोड स्थित FI हॉस्पिटल को सील कर दिया . सील करने से पहले स्वास्थ्य व जिला प्रशासन के अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकारियों को हॉस्पिटल के कर्मचारी चाबी ही नहीं दी जा रही थी. काफी फटकार के बाद चाबी मिली इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने कक्षा में देखा की हास्पिटल को बंद करने का दावा किया जा रहा था लेकिन वहां पर न्यूरो डॉक्टर छाबड़ा मरीजों को देख रहे थे. मरीजों का शुल्क Fi हॉस्पिटल्स नाम पर ही काटा जा रहा था. बताया जाता है वहां पर अस्पताल बंद है के पर्चे जगह-जगह चिपके हुए थे लेकिन मरीजों का इलाज चल रहा था कई कमरों में Ac भी चलते मिले. काफी फटकार के बाद अस्पताल के कमरों को ICU सील कर दिया गया.
बताते चलें कि 11 जून को एक मरीज के परिजनों ने बंधक बनाने का आरोप लगाया था और कहा था की 7 लाख रुपए खर्च होने के बात भी सही नहीं किया जा रहा था और रुपए जमा न करने पर बंधक बना लिया गया था. सीएमओ से शिकायत के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करके मरीज डिस्चार्ज कराया था. दूसरा निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई थी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण करके मानक के विपरीत पाया था और जिला प्रशासन को हॉस्पिटल सील करने के लिए कहा था.















