बलरामपुर अस्पताल में बुखार के मरीज़ों के साथ लापरवाही

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लखनऊ। डेंगू और स्वाइन फ्लू की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में बुखार के मरीज़ों को कोई परेशानी न हो इसके फीवर हेल्प डेस्क बनाने के आदेश दिए है। बलरामपुर अस्पताल में फीवर हेल्प डेस्क तो बना दी गई है लेकिन यहाँ कोई भी कर्मचारी मोके पर मौजूद नहीं मिलता है। यहाँ मरीज़ इलाज के लिए आते है और वापस चले जाते है। अधिकारियो से शिकायत करो तो वह मरीज़ पर ही भड़क पड़ते है।

शुक्रवार को बलरामपुर अस्पताल के फीवर  हेल्प डेस्क से दोनों नर्स गायब थी यहाँ मरीज़ जाँच रिपोर्ट लेने के लिए तो वहां कोई नहीं मिला थक हार कर मरीज़ो और तीमारदार को वापस जाना पड़ा।

गोमतीनगर से सत्यवान यादव अस्पताल की इमरजेंसी में खड़े दो घंटे से पर्चा लिए  रिपोर्ट का इन्तिज़ार करते रहे लेकिन कोई भी कर्मचारी और स्टाफ नर्स नहीं आयी। सत्यवान ने बताया रमेश यादव की तबियत बहुत गंभीर है 102 डिग्री बुखार है जब तक जाँच नहीं आती आगे इलाज नहीं शुरू हो सकता है ये लोग कई दिन से दौड़ा रहे है।

रकाब गंज से आए इम्तियाज़ सुबह से रिपोर्ट मिलने के इंतिज़ार में इमरजेंसी के बहार बैठे रहे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने कहा था जब तक मरीज़ की जाँच रिपोर्ट नहीं आ जाती तब ताल इलाज नहीं कर सकते है। इसलिए सुबह से इंतिज़ार कर रहे है। उनकी बिटिया uzma को तेज़ बुखार है।

ठाकुर गंज से आई इसरत जहाँ ने बताया मंगल से जिला के लिए चक्कर काट रही है। बड़ी मुश्किल से डॉक्टर ने जाँच लिखी थी अब कोई रिपोर्ट ही नहीं दे रहा है। बुखार में चला भी नहीं जा रहा है लेकिन डेंगू और स्वाइन फ्लू के डर से अस्पताल के चक्कर काट रहे है।

अभी कहीं गई होगी बुखार तेज है तो ओपीडी में दिखावे यहाँ क्या कर रहे है। हर टाइम कोई डॉक्टर यहाँ बैठे थोड़ी रहेगे हम आउट ऑफ वे जाकर लोगो की मदद करते है
-चिकित्सा अधीक्षक बलरामपुर बी के एस चौहान

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