औषधियों के बारे में जानकारी करना बहुत जरूरी, अपने फार्मेसिस्ट की सलाह लें – सुनील यादव

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Herbs and Spices

औषधियों के बारे में जागरूकता बहुत आवश्यक है, औषधियों के प्रभाव, दुष्प्रभाव , मात्रा , एक दवा का दूसरी दवा के साथ इंटरेक्शन , शरीर के अंदर खाली पेट या भोजन ,अलग-अलग पेय पदार्थों के साथ औषधियों का प्रभाव व दुष्प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है । चिकित्सा के समय अगर औषधियों के प्रयोग में कोई त्रुटि होती है तो जीवन रक्षा के लिए प्रयोग की जाने वाली औषधियों से अनुकूल की जगह प्रतिकूल प्रभाव या हानिकारक प्रभाव भी उत्पन्न हो सकता है । इसलिये औषधियों को जानना और समझना आवश्यक है, इस हेतु जनता को अपने फार्मेसिस्ट की सलाह लेनी चाहिए, फार्मेसिस्ट औषधि के विशेषज्ञ के रूप में जनता को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं ।

उक्त अपील आज 56वें राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश फार्मसी कौंसिल, राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ, फीपो, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसो सहित अनेक संस्थाओं की तरफ से जनहित में जारी की गई है ।
राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि आज से पूरे भारत में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है ।

“Know about your medicine: ask your Pharmacist”  (“अपनी दवाओं के बारे में जानें: अपने फार्मासिस्ट से पूछें”) विषय पर देश के अनेक फार्मेसी संस्थानों में पूरे सप्ताह विभिन्न सेमिनार आयोजित होंगे जिसमें फार्मेसिस्टों द्वारा जनता को औषधियों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दिए जाने व नवीन औषधियों की खोज, प्रभाव आदि अनेक जनोपयोगी विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी ।

डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसो उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ संदीप बडोला, महामंत्री डॉ के के सचान ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रशिक्षित लोगो द्वारा चिकित्सा व्यवसाय व्यापक जनहानि कर रहा है, उपकेंद्रों तक फार्मेसिस्ट की नियुक्ति कर जनता को दवाओं के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है । प्रदेश के सभी जनपदों में संघ द्वारा जनता को औषधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है । इस सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसे और व्यापक बनाया जाएगा ।

सप्ताह के प्रथम दिन स्टेट टी बी सेल के चीफ फार्मेसिस्ट राजेश सिंह ने फार्मेसिस्टों से टी बी मरीजों की खोज में सहयोग की अपील जारी करते हुए कहा है ….

इस वर्ष फार्मेसी सप्ताह को क्षय रोग से पीडित मानवता के साथ जोड़ने का संकल्प लें । वर्ष 2025 तक भारत को क्षय रोग से मुक्त कर लें ..

इस क्रम में …एक अभियान *सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान Active case finding * के अन्तर्गत हमें समाज के अंदर से उन क्षय रोगियों को ढूँढ निकालना है ,जो मुफ्त क्षय रोग उपचार से वंचित हैं । जिसमे फार्मेसिस्टो की बहुत बड़ी भूमिका है । फार्मेसिस्ट चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े वह महत्वपूर्ण अंग है ,जिसके अंदर यह क्षमता है कि वे कार्य में बड़ी भूमिका निभा सकते है ..क्योंकि समाज का सबसे बड़ा शारीरिक रुप से पीडित तपका सबसे अधिक फार्मेसिस्ट से जुड़ता है ,और उसकी सेवा करते है ।……

पिछले दिनॊ 30-अक्टूबर 2017 को डेली रेजीमेन (क्षय रोग उपचार औषधि )के लांचिंग के अवसर पर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन की सचिव चिकित्सा स्वास्थ मैडम हेकाली झीमोमी के बीच हुई विडिओ कांफ्रेसिंग में फार्मेसिस्टो की मुख्य भूमिका को महसूस किया गया ।

इसी प्रकार दिनांक 17-11-17 को बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ के सभागार में PPM Coordinator TB के State review के अवसर पर इस अभियान में फार्मेसिस्ट के महत्व को महसूस किया गया l

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि सरकारी सेवा से लेकर केमिस्ट शाप तक बैठा हर फार्मेसिस्ट इस महा अभियान का हिस्सा बनेगा । फार्मेसिस्ट सम्भावित क्षय रोगी ,या जो रोगी कही private sector से दवा ले रहे है ,उनके नाम ,पता ,एवं मोबाइल न . नोट कर जनपद स्थित District TB Clinic या TU (CHC लेबेल TB Unit ) को बताये ….
क्षय रोग विभाग
*उनको पंजीकृत इन रोल्ड करेगा (TB आकडा जिसे कहते हैं * निक्षय पोर्टल )
* मुफ्त जाँच CBNAAT होगी।
* उन्हे मुफ्त FDC (New Daily Regimen ) दवा मिलेगी ।अगर मरीज किसी प्राइवेट चिकित्सक से दवा ले रहा है तो भी विभाग उन्हे मुफ्त जाँच और दवा की सुविधा देगा ।
इस वर्ष फार्मेसी वीक 19-25 के बीच क्षय रोग के कार्यकर्ता PPM Coordinator भी एक अभियान के तहत आपसे मिलेंगे ,अौर *फार्मेसी सप्ताह को TB Free अभियान बनायगेे *
सहयोगी फार्मेसिस्टों को राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम विभाग एवं WHO Team आभार ज्ञापित करेगा ।
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फेडरेशन ऑफ इंडियन फार्मेसिस्ट एसो के अध्यक्ष डॉ आर एस ठाकुर ने भी देश के फार्मेसिस्टों को बधाई दी और पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ जनसेवा में लगे रहने की अपील की है ।

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