केरल सरकार राज्य में एंटीबॉयोटिक दवाओं के हो रहे दुरूपयोग के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर चुकी है। बताया जाता है कि एंटीबायटिक दवाओं के ज्यादा मात्रा सेवन किया जा रहा है, जिसके कारण लोगों की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता में तेजी से कमी आती जा रही है। यहां की सरकार जल्द ही इसके खिलाफ नीति लाकर अपनी एंटीबॉयोटिक नीति लाने वाला देश का प्रथम राज्य बन जाएगा।
अगर यहां के स्वास्थ्य विभाग सूत्रों ने यकीन करें तो एंटीबॉयोटिक के दुरूपयोग या इसके ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल के खिलाफ एक जन अभियान शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही सरकार की योजना अगले वर्ष जनवरी तक एक एंटीबॉयोटिक नीति लाने की भी है। इससे सरकारी आैर निजी क्षेत्र के डॉक्टरों को सख्त दिशा निर्देश भी जारी करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही केरल अपनी एंटीबॉयोटिक नीति लाने वाला देश का प्रथम राज्य बन जाएगा।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने एक हालिया फेसबुक पोस्ट में इस नीति पर कहा था कि एंटीबॉयोटिक के इस्तेमाल के बारे में मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया जा चुका है। विजयन ने कहा, एंटीबॉयोटिक का अनावश्यक इस्तेमाल लोगों की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर रहा है। डॉक्टरों की इजाजत के बगैर एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल किया जाना भी खतरनाक है।












