लखनऊ। अमरिका से आए एक प्रतिनिधि मण्डल ने आज किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग का दौरा किया। टीम के साथ आयी डॉ. विणा मिश्रा ने कहा कि भारत में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है जिससे सांस के विभिन्न प्रकार के कई रोग हो रहे हैं। इस पर जल्द ही काबू करना होगा। शोध के द्वारा सांस के रोगों खासकर अस्थमा व ब्रॉान्काइटिस आदि की रोकथाम के लिए नये इलाज तलाश करने होंगे।
अमरीका के प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने वायु प्रदुषण एवं उससे होने वाले सांस के रोगों के बारे में विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त से चर्चा की। टीम ने डॉ. सूर्यकांत से अस्थमा, ब्रान्काइटिस, फेफड़े के कैंसर आदि बीमारी पर शोध आैर उसकी प्रगति पर विस्तार से बात की। बताते चले कि अमेरिका के नार्थ केरोलिना की एनसी स्टेट यूनिवर्सिटी में वायु प्रदूषण और अस्थमा के ऊपर शोध चल रहा है। शोध की निर्देशिका डॉ. विणा मिश्रा ने बताया कि भारत में भी वायु प्रदुषण एक गंभीर समस्या है।
अत: भारतीय मूल होने के बाते उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। कि वे भारत के लोगो के स्वास्थ्य की भी चिन्ता करे। डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि भविष्य मे वायु प्रदुषण मे होने वाले दोनो संस्थानो के शोध का आदान प्रदान किया जायेगा तथा इस क्षेत्र मे संयुक्त रूप से कार्य करने की योजना है। अमेरिका के इस प्रतिनिधि मण्डल में डॉ. वीणा मिश्रा, डॉ. उमाकान्त मिश्रा, डॉ. अविनाश घिरनीकर एवं डॉ. सौरभ मिश्रा शामिल रहे। अमेरिकी प्रतिनिधि मण्डल के साथ किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सर्जरी विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एनएन महिन्द्रा भी उपस्थित थे। डॉ. सूर्यकान्त ने अपनी चार पुस्तके अस्थमा, सीओपीडी, आईएलडी और लंग कैंसर की प्रति भेंट की।
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