लखनऊ । अगर लिंग की सफाई ठीक से नहीं करते है, तो लिंग कैंसर हो सकता है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का यूरोलॉजी विभाग को देखा जाए, तो वर्तमान में चार मरीजों में कैंसर फैलने से रोकने के लिए सर्जरी कर मजबूरी में लिंग को हटा दिया। डाक्टरों की माने तो ज्यादातर मरीज युवावस्था में ही है। यही नही केजीएमयू में हर महीने दो मरीज ,लोहिया संस्थान में हर महीने एक व पीजीआई में हर तीन महीने में दो मरीज इस बीमारी की चपेट में आने के बाद इलाज के लिए पहंुच रहे है।
यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट प्रो.विश्वजीत सिंह ने बताया कि यह पुरुषों में पाया जाने वाला कैंसर है। पहले इस बीमारी के बहुत कम मरीज इलाज के लिए आते थे। पर अब केजीएमयू लिंग कैंसर से पीड़ित मरीज आ रहे है आैर इनमें ज्यादातर मरीज नवयुवक है। वर्तमान में भर्ती चार मरीज अभी युवावर्ग के ही हैं। उन्होंने बताया कि पहले की अपेक्षा इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि लिंग कैंसर का सबसे बड़ा कारण साफ-सफाई का आभाव है। गन्दगी के चलते पनपती है,पहले लिंग में साफ-सफाई के आभाव में गन्दगी जमा हो जाती है। उसके बाद वही गन्दगी कैंसर का कारण बनती है।
डॉ.विश्वजीत का कहना है कि गन्दगी के अलावा एचपी वायरस तथा कुछ हद तक वातावरण भी लिंग कैंसर का कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भर्ती मरीजों में कैंसर और आगे न फैले इसके जांच के बाद सर्जरी कर लिंग को हटाना पड़ा है। इसके हटने से यौन जीवन पर ज्यादा असर पड़ता है, वहीं कुछ मरीजों में तो यह कैंसर शरीर के अन्य अंगों जैसे लीवर आदि को भी नुकसान पहुंचा चुका है। जिससे उनके जांन पर भी खतरा बन आया था। विशेषज्ञ डॉ राहुल जनक सिन्हा ने बताया कि लिंग कैंसर से पीड़ित मरीज बीते एक साल में ज्यादा बढे है। जो चिंता का विषय है कि भारत में विशेष कर यूपी में लिंग कैंसर के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी की शुरूआत लिंग के भीतरी भाग में गंदगी जमा होने लगती है। जो लम्बे समय तक सफाई न होने के कारण कैंसर का रूप ले लेती है। वहीं कुछ मरीजों में लिंग की स्किन पीेछे की तरफ नहीं जाती। ऐसे में बहुत से पुरूष शर्म के चलते डाक्टर के पास नहीं जाते,जिसके कारण यह बीमारी बढ़ रही है।












