लखनऊ। एसिड पीने के कारण गल चुकी आहार नली को दोबारा बना कर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने युवती को नयी जिंदगी दी है। मरीज मुंह से कुछ भी खा नहीं पा रही थी। सर्जरी करने वाले डाक्टरों का कहना है कि यह सर्जरी बेहद जटिल थी, लेकिन सफल सर्जरी के बाद मरीज की खुशी उनकी सफलता है।
गलती से एसिड पीने के बाद गोंडा निवासी 36 सफ्फों की जिंदगी नर्क हो गयी थी। स्थानीय स्तर पर डाक्टरों के इलाज के बाद भी उसकी तबियत सही नही हो रही थी आैर मुंह से खाना तक नही पा रही थी। केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के विभाग प्रमुख डा. अभिनव अरुण सोनकर ने बताया कि विभाग के सर्जन पंकज कुमार ने जांच के बाद पाया कि मरीज की आहार नाल व आमाशय बहुत क्षति ग्रस्त हो गया है। जिसके लिए सर्जरी बहुत आवश्यक हो गयी।
विचार विमर्श के बाद दुर्लभ व जटिल सर्जरी इसोफेगेकोलोप्लास्टी करने का निर्णय लिया गया। इस सर्जरी में मरीज की बड़ी आंत को पहले निकाल कर आहारनली बनायी गयी। जिसको छाती से होते हुए गर्दन के अंदर जोड़ी गयी आैर दूसरा भाग छोटी आंत से जोड़ा गया। डा. पंकज ने बताया कि यह बेहद जटिल सर्जरी होती है, इसमें कई अंगों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। उनके साथ इस सर्जरी में रेजीडेंट सर्जन डा. सौरभ व डा. जूही के अलावा एनेस्थीसिया से डा. अर्पणा मौजूद थी। सर्जरी के बाद मरीज तीन दिन आईसीयू में रखी गयी। इसके बाद छह दिन तक अलग- अलग विभिन्न प्रकार की जांच की गयी। फिर उसने मुंह से खाना शुरू कर दिया है। मरीज इस सर्जरी के बाद सामान्य जिंदगी पाकर बेहद खुश है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में जहां लाखों रुपये खर्च हो जाते है। वही जनरल सर्जरी विभाग में मात्र बारह हजार रुपये का खर्च आया।