लखनऊ । अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी (ABVMU) के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। अब डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन और ट्रांसक्रिप्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए विद्यार्थियों को बार-बार यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक और प्रशासनिक सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से ‘डिजिटल स्टूडेंट सर्विस पोर्टल’ की शुरुआत की है।
गांधी जयंती के अवसर पर कुलपति मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने इस पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल से यूनिवर्सिटी से संबद्ध मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों के करीब 1.28 लाख विद्यार्थियों को सीधे तौर पर सहूलियत मिलेगी।
पोर्टल से मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
नए डिजिटल स्टूडेंट सर्विस पोर्टल के माध्यम से छात्र अब घर बैठे या अपने कॉलेज से ही निम्नलिखित सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे:
शैक्षणिक दस्तावेज: डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और आधिकारिक ट्रांसक्रिप्ट प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन।
त्रुटि सुधार: मार्कशीट या अन्य दस्तावेजों में नाम, रोल नंबर या अन्य विवरणों में संशोधन का कार्य।
अन्य सेवाएं: शैक्षणिक रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटल सत्यापन।
छात्रों के समय और पैसों की होगी बचत
अभी तक दूसरे जिलों या दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को एक छोटे से काम के लिए भी यूनिवर्सिटी ऑफिस आना पड़ता था। कई बार एक ही दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए छात्रों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था।
यूनिवर्सिटी के इस कदम से एमबीबीएस, एमडी, एमएस, डीएम, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
”यह पोर्टल पूरी तरह लाइव और संचालित है। इसे एक सिंगल-विंडो और छात्र-केंद्रित प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कामकाज को कम करना, प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना और छात्रों को उनके घर के पास ही विश्वविद्यालय की सेवाएं उपलब्ध कराना है।”
— मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन, कुलपति (ABVMU)
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से न केवल यूनिवर्सिटी प्रशासन का काम सुचारू होगा, बल्कि आवेदनों का निपटारा भी तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।












