लखनऊ । जीवनसाथी को जयमाल पहनाने का यह सपना अब उन दिव्यांगों का पूरा हो सकेगा जो अपने विवाह की इस रस्म को निभा पाने में सक्षम नहीं थे। इनकी यह वाहिश विवाह के कुछ दिन पहले ही केजीएमयू के लि ब सेंटर द्वारा पूरी कर दी गयी। सुल्तानपुर निवासी सरोज सोनी का पांच साल की उम्र में बांया हाथ तेल पेरने वाली मशीन से कट गया था। 23 अप्रैल को शादी होना तय हुआ तो होने वाले पति ने जयमाला के लिए हाथ लगवाने कि इच्छा जताई। दस दिन पहले वह केजीएमयू के लि ब सेंटर पहुंची।
हालांकि इस प्रक्रिया में समय लगता है लेकिन विवाह की बात जानकर बहुत ही तीव्र गति से हाथ बनाने की प्रक्रिया को पूर्ण किया गया। हाथ की स्थिति बेहत खराब होने के बाद भी सरोज अच्छे से हाथ चला पा रही है। संयोग से उसी दिन अंकित कुमार निवासी बाराबंकी भी चारा मशीन से 2010 में दाया हाथ कट जाने के कारण हाथ लगवाने आए और उनका विवाह भी 23 अप्रैल को ही है। दोनों को ही आज हाथ लगाया गया जो इनके जयमाला डालने की इच्छा को पूरा करेगा। दोनों मरीजों को हाथ लगाने की बहुत खुशी है।
लि ब सेंटर की सीनियर प्रोस्थेतिस्ट शगुन सिंह का योगदान रहा निर्माण मे साथ साथ उन्होने दोनो मरीजों को जयमाल डालने की ट्रेनिंग के साथ साथ अन्य घरलू कार्य करने की ट्रेनिंग भी दी। मरीजों के स्टंप की दशा अच्छी नहीं थी उसके बावजूद बहुत ही सुन्दर ढंग से कृत्रिम अंग की फिन्सिंग की गई।
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