आधा दर्जन से ज्यादा डाक्टर छोड़ रहे केजीएमयू

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लखनऊ। राजधानी में एक निजी हास्पिटल की ओपीडी शुरु होने के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा डाक्टर संस्थान छोड़ कर जा रहे है। इन डाक्टरों की वार्ता अंतिम दौर में है। इनमें प्रमुख रुप से बाल रोग विभाग व मेडिसिन विभाग के डाक्टर प्रमुख है। इतना ही नहीं ओपीडी शुरु होने के बाद हास्पिटल बन जाने के बाद काफी संख्या में डाक्टर ही नहीं, बल्कि रेजीडेंट डाक्टर भी केजीएमयू छोड़ने की तैयारी में है।

गुड़गांव के एक निजी हास्पिटल ने अपनी ओपीडी राजधानी में शुरु कर दी है। ओपीडी में सप्ताह में एक दिन गुड़गांव से विशेषज्ञ डाक्टर आकर मरीजों की जांच व परामर्श दे रहे है,जब कि अन्य दिन स्थानीय विशेषज्ञ डाक्टर मरीजों की जांच कर परामर्श दे रहे है। खासियत यह है कि मरीज की दिक्कत के अनुसार गुड़गांव में बैठे डाक्टर से टेलीमेडिसिन से परामर्श भी लिया जा रहा है। ओपीडी शुरु होते ही केजीएमयू के लॉरी कार्डियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. आर के शरन ने निजी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग की जिम्मेदारी सम्हाल ली।

बताया जाता है कि केजीएमयू के विभिन्न विभागों के आधा दर्जन से ज्यादा डाक्टर हास्पिटल की ओपीडी को ज्वाइन कर सकते है। नेफ्रालॉजी, मेडिसिन विभाग, न्यूरोलॉजी , बाल रोग विभाग के अलावा पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डाक्टर भी हॉस्पिटल के मैनेजमेंट के सम्पर्क में है। यही नहीं वर्ष 2018 में शुरु होने वाले हॉस्पिटल में सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, अार्थोपैडिक, न्यूरो सर्जरी, सीवीटीएस के डाक्टर ही नहीं रेजीडेंट भी जाने की तैयारी कर चुके है। बताया जाता है कि डाक्टर, रेजीडेंट डाक्टरों के अलावा क्रिटकल केयर में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक ल स्टाफ भी जाने के मूड में है।

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