लखनऊ। प्रदेश के कैंसर मरीजों को अब आधुनिक और उच्चस्तरीय रेडिएशन थेरेपी के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या विदेश के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लखनऊ के चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान (KSSSCI) में प्रदेश की पहली साइबरनाइफ रोबोटिक रेडियोथेरेपी मशीन अगले 10 दिनों में विधिवत शुरू होने जा रही है।
51 करोड़ की लागत, स्वस्थ कोशिकाओं को नहीं पहुंचेगा नुकसान
लगभग 51 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह रोबोटिक मशीन ब्रेन, फेफड़े और शरीर के अन्य जटिल हिस्सों में स्थित ट्यूमर का बेहद सटीक इलाज करने में सक्षम है।
न्यूनतम साइड इफेक्ट: इलाज के दौरान ट्यूमर के आसपास मौजूद स्वस्थ अंगों और कोशिकाओं को रेडिएशन से होने वाला नुकसान काफी कम रहेगा।
आर्थिक बचत: सरकारी संस्थान में यह सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों का इलाज का खर्च बचेगा और दूसरे राज्यों में जाने की मानसिक व आर्थिक परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
कैलिब्रेशन व ट्रायल रन पूरा, फरवरी में हुआ था उद्घाटन
शुक्रवार को 37वें यूपीएआरओआईकॉन-2026 (UPAROICON-2026) सम्मेलन की जानकारी देते हुए रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शरद सिंह ने बताया:
जनवरी 2025 में ई-टेंडर के जरिए खरीद प्रक्रिया शुरू हुई थी।
मार्च 2025 में परचेज ऑर्डर जारी किया गया।
फरवरी 2026 में मशीन का आधिकारिक उद्घाटन किया गया।
वर्तमान में मशीन के कैलिब्रेशन, सुरक्षा जांच और ट्रायल रन पूरे हो चुके हैं।
सर्जरी के जोखिम वाले जटिल ट्यूमर का भी संभव होगा इलाज
संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय के अनुसार, साइबरनाइफ तकनीक मिलीमीटर से भी कम सटीकता (sub-millimeter precision) के साथ सीधे ट्यूमर पर रेडिएशन टारगेट करती है।
इससे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंगों के पास स्थित कैंसर ट्यूमर का इलाज आसान हो जाएगा।
ऐसे ट्यूमर जिनमें सर्जरी करना जानलेवा या अत्यधिक जोखिम भरा होता है, उनका भी इसके जरिए सफलता से इलाज संभव होगा।
संस्थान के डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में रोजाना लगभग 150 मरीज रेडियोथेरेपी ले रहे हैं। दो लीनियर एक्सीलेरेटर के साथ साइबरनाइफ जुड़ने से कल्याण सिंह कैंसर संस्थान अब उत्तर भारत में एडवांस्ड रेडियोथेरेपी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
लखनऊ में जुटे 300 कैंसर विशेषज्ञ: UPAROICON-2026 सम्मेलन आज से
संस्थान में 31 अक्तूबर से 1 नवंबर तक दो दिवसीय UPAROICON-2026 सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
300 विशेषज्ञ शामिल: इसमें देशभर से लगभग 300 प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
थीम: सम्मेलन का मुख्य विषय “ट्रांसफॉर्मिंग कैंसर केयर: इंटीग्रेटिंग टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन एंड पेशेंट सेंट्रिक ऑन्कोलॉजी” रखा गया है, जिसके तहत आधुनिक तकनीक, सटीक रेडियोथेरेपी और कैंसर उपचार की नई पद्धतियों पर मंथन होगा।












