गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित करते हुए समाज को तोड़ने वाली ताकतों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में मुस्लिम, कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन आपस में संघर्षरत हैं, जबकि भारत सनातन संस्कृति की छत्रछाया में बिना किसी भेदभाव के हर जाति, संप्रदाय और मजहब के लोगों को सुरक्षा और समृद्धि प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को विभाजित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, उनके भीतर वस्तुतः रावण की आत्मा प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और मजबूती से ईर्ष्या रखने वाली आंतरिक और बाहरी प्रायोजित ताकतें लगातार देश के खिलाफ दुष्प्रचार में जुटी हुई हैं।
भारत की मजबूती से ही संभव हुआ सांस्कृतिक पुनरुत्थान
सीएम योगी ने इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि जब-जब देश कमजोर हुआ है, तब-तब हमारी आस्था के केंद्रों—जैसे राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर—को अपमानित किया गया तथा नारी गरिमा को तार-तार किया गया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प साकार हो रहा है। इसी सुदृढ़ भारत की ताकत है कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर पुनः निर्मित हो सका है।
आज कालनेमि की तरह ‘राम-राम’ जप रहे हैं रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले
अयोध्या और राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रहे दुष्प्रचार पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को कमजोर देखना चाहते हैं, वे अयोध्या के भव्य दीपोत्सव और त्रेतायुग जैसे वैभव को कैसे सहन कर सकते हैं? ऐसे लोग बिना अयोध्या गए वहां के बारे में भ्रम फैला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में रामभक्तों पर अत्याचार की पराकाष्ठा पार की और गोलियां चलवाई थीं, वे आज ‘कालनेमि’ की भांति राम-राम चिल्ला रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि पौराणिक कथाओं के कालनेमि की तरह आज के इन बहरूपियों को पहचानना होगा और बजरंगबली की तरह सतर्क रहकर समाज विरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम करना होगा।












