इल्मो-अदब की महफिल में संविधान और डा. भीमराव अम्बेडकर पुस्तक का विमोचन

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लखनऊ 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में डा. सुल्तान शाकिर हाशमी की नई तसनीफ़ पेश
शहर की नामचीन अदबी और सहाफती हस्तियों ने की शिरकत

लखनऊ। बलरामपुर गार्डन में जारी 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के दौरान इल्मो-अदब से सजी एक पुरवक़ार महफिल में लखनऊ के मशहूर सहाफी, साहित्यकार, समाजसेवी, मुसन्निफ और मुफक्किर डा. सुल्तान शाकिर हाशमी की नई तसनीफ़ संविधान और डा. भीमराव आम्बेडकर का शानदार विमोचन किया गया। इस मौके पर शहर की अदबी, सहाफती और समाजी हस्तियों ने शिरकत कर डा. हाशमी को दिली मुबारकबाद पेश की।

इस पुरवक़ार तक़रीब की सदारत इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने की। महफिल में न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी, जस्टिस सुधीर सक्सेना, सेवानिवृत्त आईएएस चंद्रपाल, जनाब इन्सराम अली, डा. सुषमा सिंह और वरिष्ठ साहित्यकार शिव मंगल सिंह ‘मंगल’ समेत कई मुअज़्ज़िज़ हस्तियां मंच पर मौजूद रहीं।
इस मौके पर डा. सुल्तान शाकिर हाशमी ने कहा कि उनका मकसद संविधान और डा. भीमराव अम्बेडकर के बारे में मुताला उन हक़ीक़तों और हवाला जात के दायरे में रहकर किया जाना है, जो उस दौर के हालात और सामाजिक पसमंजर पर आधारित हों, न कि गुमराहकुन और बेबुनियाद बातों पर।

उन्होंने बताया कि तसनीफ़ को तीन हिस्सों में मुनक़सिम किया गया है। पहले हिस्से में माहिरीन और अहले-इल्म के मज़ामीन शामिल हैं, जो किताब के असल मौज़ू की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं। दूसरे हिस्से में संविधान और डा. अम्बेडकर के शख्सियत व कारनामों को शायरी और काव्य-पाठ के ज़रिये पेश किया गया है, जबकि तीसरे हिस्से में मौज़ू को दस्तावेज़ी और हक़ीक़ी बुनियाद देने के लिए जरूरी हवाले और संदर्भ पेश किए गए हैं।
विमोचन की इस पुरवक़ार महफिल में ऑल इंडिया न्यूज़पेपर एसोसिएशन (आईना) के राष्ट्रीय संरक्षक डा. मोहम्मद कामरान, वरिष्ठ सहाफी आमीर मुख्तार, वरिष्ठ समाजसेवी इमरान कुरैशी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं आईना की प्रवक्ता मोहम्मद अली साहिल सिफत्तूज जहरा, सहाफी परवेज अख्तर, अब्दुल वहीद, आईना सहाफी के सदर लईक अहमद, वरिष्ठ सहाफी एन. आलम, एडवोकेट मुकीद अहमद, कांग्रेस नेता तीर्थराज मिश्रा और सरफराज जाहिद सय्यद गुलाम जमील मलिक*समेत शहर की कई नामवर शख्सियात ने शिरकत की।

मेहमानों ने डा. सुल्तान शाकिर हाशमी को मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि इस तरह की तसनीफ़ात समाज में इल्मी शऊर, तहकीक और तारीखी व सामाजिक मौज़ूआत पर संजीदा गौर-ओ-फिक्र को फरोग देती हैं।
23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 1 से 11 अक्टूबर तक बलरामपुर गार्डन, लखनऊ में जारी है, जहां साहित्य, अदब, तहज़ीब और इल्मी सरगर्मियों से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

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