KGMU के नर्सिंग अफसर की अपहरण के बाद हत्या, घाघरा नदी में फेंके गए शव; 5 आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। केजीएमयू (KGMU) के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन कुमार गर्ग (45) के रहस्यमयी तरीके से लापता होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पवन गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा की गुमशुदगी दरअसल एक सुनियोजित हत्या का मामला निकली। शुक्रवार शाम पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बुलाकर किया किडनैप
पुलिस जांच के मुताबिक, 28 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे एक मिठाई विक्रेता ने प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने पवन कुमार गर्ग को बुलाया था। पवन अपने साथी सचिन विश्वकर्मा के साथ पहुंचे थे। वहां पहले से घात लगाए बैठे मिठाई विक्रेता और उसके 4 अन्य साथियों ने दोनों को अगवा कर लिया।
50 लाख रुपए की रंगदारी और 1 दिन का बंधक
आरोपियों ने पवन और सचिन को एक दिन तक अलग-अलग कमरों में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान पवन गर्ग द्वारा प्रॉपर्टी के सौदे के लिए रखे गए 50 लाख रुपए की मांग की गई। बदमाशों ने धमकी दी कि वे पैसे देकर मामले को भूल जाएं, वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा। जब दोनों ने इस जबरन वसूली का विरोध किया, तो आरोपियों ने पवन और सचिन की बेरहमी से हत्या कर दी।
घाघरा नदी में फेंके शव, सीतापुर में मिली कार
हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने दोनों के शवों को अपनी थार गाड़ी में लादा और उफनती घाघरा नदी के पुल से नीचे फेंक दिया। वारदात को भटकाने के लिए आरोपियों ने पवन की कार को सीतापुर में ले जाकर लावारिस छोड़ दिया था।
पुलिस की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन जारी
शुक्रवार को पुलिस ने मामले में शामिल पांचों आरोपियों को धर दबोचा और पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि, उफनती नदी में बहाए जाने के कारण पवन और सचिन के शव अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस और गोताखोरों की टीम घाघरा नदी में सघन तलाशी अभियान चला रही है।












