केजीएमयू में ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ पर जागरूकता अभियान
रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर करना जरूरी: डॉ. तूलिका चन्द्रा
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘स्वैच्छिक रक्तदान एवं जन-जागरूकता अभियान’ के तहत बृहद शिविरों का आयोजन किया गया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा संस्थान में रक्त की उपलब्धता को सुदृढ़ करना और आम जनमानस के बीच रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना है।
शिविरों में 250 से ज्यादा यूनिट रक्त एकत्र
अभियान के दौरान ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की ओर से कुल 11 आउटडोर और 2 इनडोर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में समाज के विभिन्न वर्गों से आए 250 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रक्तदान कर सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की।
130 छात्रों और नागरिकों ने ली रक्तदान की शपथ
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को विभाग के ‘डिप्लोमा इन ब्लड ट्रांसफ्यूजन टेक्नोलॉजी’ (DBTT) के 130 विद्यार्थियों ने रक्तदान शपथ-पत्र भरा। इस दौरान छात्रों के साथ-साथ कई स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने जीवन भर नियमित रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर करना जरूरी: डॉ. तूलिका चन्द्रा
कार्यक्रम के दौरान ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तूलिका चन्द्रा ने बताया कि स्वस्थ और पात्र व्यक्तियों के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है।
”रक्तदान के तुरंत बाद शरीर में रक्त कोशिकाओं की पूर्ति प्राकृतिक रूप से अस्थि-मज्जा (Bone Marrow) द्वारा खुद-ब-खुद हो जाती है। समय-समय पर रक्तदान करने से
शरीर की रक्त निर्माण प्रक्रिया सक्रिय बनी रहती है।” — डॉ. तूलिका चन्द्रा
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों के अनुसार पुरुष हर 3 महीने में और महिलाएं हर 4 महीने में रक्तदान कर सकती हैं।
सुरक्षा और जांच के कड़े मानक
डॉ. चन्द्रा ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक रक्तदाता का दान से पहले चिकित्सकीय परीक्षण किया जाता है। दान किए गए हर रक्त यूनिट की एचआईवी (HIV), हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, सिफलिस और मलेरिया जैसे प्रमुख संक्रामक रोगों के लिए गहन जांच की जाती है। विभाग ने सभी स्वस्थ नागरिकों से बिना किसी झिझक आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है।












