Kgmu: उत्कृष्ट पीडियाट्रिक सर्जरी के लिए प्रो. जे.डी. रावत को मिला प्रतिष्ठित ‘सोगानी मेडल’

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केजीएमयू के बाल शल्य चिकित्सकों का राष्ट्रीय मंच पर डंका: IAPSCON 2026 में जीते प्रतिष्ठित अवार्ड्स

​लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के बाल शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक सर्जरी) विभाग ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक सर्जन के 52वें वार्षिक सम्मेलन (IAPSCON 2026) में केजीएमयू की टीम ने कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और अनुसंधान पुरस्कार अपने नाम किए।

​विभागाध्यक्ष प्रो. जे.डी. रावत को मिला प्रतिष्ठित ‘सोगानी मेडल’
​सम्मेलन का मुख्य आकर्षण केजीएमयू के बाल शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जे.डी. रावत को मिला ‘IAPS K-C-Sogani Medal’ का सम्मान रहा। उन्हें यह अवार्ड बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक उत्कृष्ट योगदान, शल्य कौशल, और अकादमिक नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया।

​समारोह के दौरान प्रो. रावत ने न्यूनतम इनवेसिव थोरैसिक सर्जरी में केजीएमयू के अनुभवों को साझा करते हुए जन्मजात छाती की बीमारियों के इलाज में थोराकोस्कोपी की प्रभावशीलता पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
​अनुसंधान और व्याख्यान में भी रहा केजीएमयू का दबदबा
​कार्यक्रम में विभाग के अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने भी अपने उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति दी:
​पद्मश्री प्रो. (डॉ.) एस.एन. कुरील: उन्होंने * Surgery of Continent Epispadias with Buried Penis * जैसे जटिल विषय पर अपना व्याख्यान दिया।

​डॉ. शोभा (सीनियर रेजिडेंट): प्रतिष्ठित U-C-Chakraborty Research Award प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया।
​डॉ. निशांत अग्रवाल (असिस्टेंट प्रोफेसर): पीजीआई कार्यकाल के दौरान किए गए अपने शोध पत्रों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
​रेजिडेंट्स की भागीदारी: सीनियर रेजिडेंट्स डॉ. कृति पटेल, डॉ. कृतिका सिंह और डॉ. स्वप्निल सिंह ने भी अपने-अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।

​कुलपति ने जताई खुशी, पूरी टीम को दी शुभकामनाएं
​IAPSCON 2026 में मिली इस ऐतिहासिक सफलता पर केजीएमयू प्रशासन में हर्ष का माहौल है। डॉ. जे.डी. रावत और डॉ. शोभा को विशेष पुरस्कार मिलने तथा विभाग के शानदार प्रदर्शन पर कुलपति ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की रोगी देखभाल, नवोन्मेषी शल्य चिकित्सा और उच्चस्तरीय अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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