आउटसोर्सिंग कर्मियों को अक्टूबर 2025 से मिले बढ़ा वेतनमान
लखनऊ। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के बढ़े हुए वेतन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सितंबर 2025 में वेतन निर्धारण और उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के बाद हाल ही में 2 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा निगम का औपचारिक शुभारंभ किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम के 10 दिन बीत जाने के बाद भी शासन स्तर से सभी विभागों को वेतन वृद्धि का आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
आदेश के अभाव में विभागों में तैनात कर्मचारियों को नया वेतनमान मिलने पर संशय बरकरार है। इस समस्या को देखते हुए आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री और निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर तत्काल आदेश निर्गत करने की मांग की है।
19 सितंबर 2025 के शासनादेश का दिया हवाला
आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल और महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा की ओर से भेजे गए पत्र में वेतन वृद्धि को अक्टूबर 2025 से लागू करने की सिफारिश की गई है।
संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने बताया:
”वेतन निर्धारण का मूल शासनादेश 19 सितंबर 2025 को ही जारी हो चुका था। नियमानुसार कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन उसी अवधि (अक्टूबर 2025) से मिलना चाहिए। एक साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्पष्ट आदेश न होना चिंताजनक है।”
विभागों में असमंजस, कर्मचारी परेशान
सचिवालय प्रशासन और प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की ओर से अब तक दिशा-निर्देश न जारी होने के कारण विभिन्न सरकारी विभागों के प्रशासनिक अधिकारी भी असमंजस में हैं।
आदेश की प्रतीक्षा: बिना आधिकारिक शासनादेश के कोई भी विभाग कर्मचारियों के नए वेतनमान की फाइलों को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है।
बढ़ती चिंता: निर्धारण के पूरे एक साल बाद भी लाभ न मिलने से प्रदेश भर के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों में निराशा और अनिश्चितता का माहौल है।
कर्मचारी संगठन ने शासन से मांग की है कि बिना किसी देरी के सभी विभागाध्यक्षों को बढ़ा हुआ वेतनमान और एरियर जारी करने का स्पष्ट आदेश भेजा जाए।











