लखनऊ। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) द्वारा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में ‘इन्वेस्टर कनेक्ट 2026’ का सफल आयोजन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), एसटीपीआई, एसजीपीजीआई और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से संचालित MedTech सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश में हेल्थटेक नवाचारों को बढ़ावा देना और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती प्रदान करना है।
OCP 7.0 का शुभारंभ और “निर्माण” थीम
कार्यक्रम के दौरान मेडटेक CoE के ओपन चैलेंज प्रोग्राम (OCP 7.0) को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस चरण की थीम “निर्माण – मेडटेक एवं उन्नत, सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले नवीनतम नवाचार” रखी गई है। इसके तहत देश भर के स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स से स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के स्वदेशी समाधान विकसित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
स्टार्टअप्स को 39 लाख रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन
हेल्थटेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत MedTech CoE से जुड़े 10 चयनित स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। कुल स्वीकृत ₹1.20 करोड़ की राशि के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹39 लाख के चेक वितरित किए गए।
दिग्गजों ने साझा किए विचार
डॉ. प्रवीण कुमार दिवेदी (प्रभारी अधिकारी, एसटीपीआई लखनऊ): उन्होंने कहा कि यह आयोजन क्लिनिकल विशेषज्ञता, सरकारी तंत्र, निवेशकों और इनोवेटर्स को एक मंच पर लाने का एक साझा प्रयास है।
श्रीमती वंदना श्रीवास्तव (सीईओ, मेडटेक सीओई & क्षेत्राधिकार निदेशक, एसटीपीआई-नोएडा): उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित MedTech CoE की सुविधाओं का लाभ वर्तमान में 70 स्टार्टअप्स उठा रहे हैं, जो 36 उत्पादों और 57 प्रोटोटाइप पर काम कर रहे हैं।
पद्मश्री डॉ. आर.के. धीमन (निदेशक, एसजीपीजीआई): उन्होंने चिकित्सा और तकनीकी संस्थानों के समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पहल से KGMU और RML जैसे प्रमुख संस्थानों को भी जोड़ा जाना चाहिए ताकि क्लिनिकल जरूरतों के सटीक तकनीकी समाधान बन सकें।
श्री हिमांशु कौशिक (एमडी, यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन) एवं डॉ. विशाल गांधी (संस्थापक, बायो आरएक्स): दोनों विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और स्टार्टअप्स को रणनीतिक मार्गदर्शन व फंडिंग की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में एडवांसिंग इनोवेशन फॉर एक्सेसिबल हेल्थकेयर पर पैनल डिस्कशन और इन्वेस्टर कनेक्ट पिचिंग सेशन का भी आयोजन हुआ, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और निवेशकों ने भाग लिया।












