लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) का 22वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान मेधावी छात्रों को 1,707 उपाधियां और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 विद्यार्थियों को कुल 54 पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा, नीति आयोग के सदस्य श्री एम. श्रीवास्तव को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से नवाजा गया।
🩺 चिकित्सा सिर्फ आजीविका नहीं, समर्पण का माध्यम
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षित हो रहे युवा डॉक्टरों को प्रेरित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को रेखांकित करते हुए युवाओं से कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, निजी क्लीनिक संचालकों से गरीब मरीजों को रियायती उपचार देने का आग्रह किया।
📱 डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं और डिजीलॉकर पर जोर
राज्यपाल ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देश में लगभग 90 करोड़ नागरिकों की यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने को कहा। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई छात्र डिजीलॉकर पर उपलब्ध डिग्रियों का उपयोग नहीं कर रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि छात्र अनावश्यक भागदौड़ से बच सकें।
🌟 सामाजिक सरोकार: आंगनबाड़ी किट और HPV टीकाकरण
KGMU ने इस दीक्षांत समारोह में अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी निभाया:
400 आंगनबाड़ी किटें: जनपद हरदोई के आंगनबाड़ी केंद्रों को वितरित की गईं।
200 बालिकाओं का HPV टीकाकरण: पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 200 बालिकाओं को गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई गई।
🏆 KGMU की उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल ने KGMU को नैक (NAAC) में A++ ग्रेड मिलने, NIRF रैंकिंग में मेडिकल में 8वां व डेंटल में 7वां स्थान प्राप्त करने तथा वर्ष 2025 का ‘फिक्की हेल्थकेयर एक्सीलेंस अवॉर्ड’ मिलने पर बधाई दी।
मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संस्थान की गौरवशाली परंपरा की सराहना करते हुए डॉक्टरों को संवेदनशीलता बनाए रखने और योग-ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आश्वस्त किया कि यूपी सरकार के प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता लगातार बढ़ रही है।












