लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ,आल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन नई दिल्ली के साथ सरकारी एवं ग़ैर सरकारी नर्सेस , के लिए प्रदेश के साथ ही देशभर में सरकारी एवं निजी क्षेत्र की नर्सों के अधिकारों एवं पेशेवर मानकों की रक्षा हेतु कार्यरत एक अग्रणी संगठन के माध्यम से हम यह औपचारिक आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष शर्ली भण्डारी ने बताया कि कुलपति वाराणसी हिन्दू विश्वविद्यालय के अलावा राष्ट्रपति ,राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के सभी उच्च अधिकारियों को पत्र भेज कर विरोध दर्ज कराया गया है।
नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक ने बताया कि सर सुन्दरलाल चिकित्सालय तथा बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी में कार्यरत वर्तमान प्रभारी नर्सिंग अधीक्षक को पद से हटाकर प्रो. अंकुर सिंह, उप चिकित्सा अधीक्षक (जो नर्सिंग संवर्ग से संबंधित नहीं हैं), को प्रभारी नर्सिंग अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि संस्थान में अनेक योग्य उप नर्सिंग अधीक्षक हैं।

उन्होंने बताया कि नर्सिंग अधीक्षक का पद एक वैधानिक, पेशेवर एवं प्रशासनिक नेतृत्व का पद है, जिसके लिए आवश्यक नर्सिंग योग्यता, पंजीकरण एवं नर्सिंग प्रशासन का अनुभव अनिवार्य है। Indian Nursing Council द्वारा निर्धारित मानकों एवं संगठनात्मक ढांचे के अनुसार नर्सिंग प्रशासनिक पदों पर केवल योग्य एवं पंजीकृत नर्सिंग पेशेवरों की ही नियुक्ति की जानी चाहिए।
अशोक ने बताया कि नियुक्ति कई कारणों से गंभीर आपत्तिजनक प्रतीत होती है:
1. नर्सिंग प्रशासनिक पदानुक्रम एवं फीडर कैडर सिद्धांत का उल्लंघन।
2. वैधानिक पेशेवर योग्यता संबंधी आवश्यकताओं की अवहेलना।
3. नर्सिंग पेशे की स्वायत्तता एवं प्रशासनिक अधिकारों का हनन।
4. उपलब्ध योग्य उप नर्सिंग अधीक्षकों की उपेक्षा करते हुए मनमाना प्रशासनिक निर्णय।
5. विशिष्ट नर्सिंग नेतृत्व के अभाव में रोगी सुरक्षा एवं जवाबदेही संबंधी चिंताएँ।
6. बिना नर्सिंग डिग्री एवं अनुभव के किसी अन्य पेशे के व्यक्ति को नर्सिंग पद पर नियुक्त करना व्यावसायिक नैतिकता के प्रतिकूल है।
7. नर्सिंग की अपनी शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम (RR), कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व तथा नियामक संस्था है।
8. नर्सिंग अधीक्षक पद के भर्ती नियम उपलब्ध कराए जाएँ, जिनमें यह स्पष्ट हो कि क्या चिकित्सक इस पद के फीडर कैडर में सम्मिलित हैं। नर्सेज संघ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि नर्सिंग अधीक्षक पद से चिकित्सक की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रभारी नर्सिंग अधीक्षक का पद किसी योग्य उप नर्सिंग अधीक्षक को सौंपा जाए। गंभीरता को समझते हुए शीघ्र एवं उचित कार्रवाई करेंगें।













This is wrong. There are many capable people in our cadre. The posts should be given to those who deserve them.