लखनऊ। आप जानते हैं कि थायराइड हार्मोन की गड़बड़ी से सिर्फ मरीज मोटा या पतला नहीं होता है ,बल्कि वह मानसिक रूप से बीमार भी हो सकता है। थायराइड के मरीज को डिप्रेशन जल्दी घेर सकता है। घबराहट होने की संभावना होती है। यही नहीं मानसिक बीमारी बायोपोलर का भी शिकार होने की संभावना रहती है। यह चौंकाने वाले तथ्य केजीएमयू मानसिक स्वास्थ्य विभाग के रिसर्च में निकले हैं।
केजीएमयू की ओपीडी में आए 30 से 60 वर्ष की उम्र के 300 मरीजों पर रिसर्च पर पता चला। मानसिक रूप से पीड़ित मरीजों पर जब सामान्य दवाएं का प्रभाव नहीं हुआ । तब डॉक्टरों ने थायराइड टेस्ट कराया।
केजीएमयू के पूर्व डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि थायराइड हार्मोन का सीधा प्रभाव मस्तिष्क और न्यूरोट्रांसमीटर जैसे सेरोटोनिन पर पड़ता है। लिहाजा थायराइड की गड़बड़ी से मस्तिष्क के कार्य प्रभावित होते हैं। जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
थायराइड हार्मोन गड़बड़ मिला। डॉक्टर ने मानसिक रोग के साथ थायराइड की दवाएं दी गयी ।
केजीएमयू मानसिक स्वाथ्य विभाग के पूर्व डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि थायराइड पीड़ित को मानसिक बीमारी का खतरा छह गुना ज्यादा पाया गया है। कई बार मानसिक बीमारी थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने के कारण
बनती है।
उन्होंने बताया कि थायराइड हार्मोन में गड़बड़ी से दिमाग व नवर्स सिस्टम प्रभावित होता है। इससे मानसिक बीमारी का खतरा बढ़ता है। मरीज को डिप्रेशन, घबराहट, सुस्ती, उदासी, याददाश्त की कमी, बेचैनी और बायोपोलर डिसआर्डर हो जाता है। बायापोलर डिसआर्डर में मरीज अधिक उत्तेजित हो जाता है।












