इसलिए मरीजों को अब प्लेटलेट्स एफरेसिस की नहीं होगी दिक्कत

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प्लेटलेट्स डोनर एफरेसिस रजिस्ट्री पुस्तिका से मिलेगा डोनर

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लखनऊ। डेंगू, मलेरिया सहित अन्य दूसरी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट्स एफरेसिस के लिए दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। इसमें अब डोनर अनफिट होने की स्थिति में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रकार के मरीजों की मदद करेगा। प्लेटलेट्स एफरेसिस के लिए डोनर उपलब्ध कराने के लिए सहायता करेगा। इस कार्य के लिए केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने प्लेटलेट्स डोनर एफरेसिस रजिस्ट्री पुस्तिका तैयार कर लिया है। इसमें दाता का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, ब्लड ग्रुप जैसी जानकारी मौजूद रहेगी है। विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्लेटलेट्स डोनर एफरेसिस रजिस्ट्री पुस्तिका का लोकापर्ण किया।

केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. तूलिका चन्द्रा ने बताया कि दो महीने की कवायद में छह हजार प्लेटलेट्स डोनर को लिस्ट से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि एक वर्ष मेंं लगभग 20 हजार लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी की प्लेटलेट्स दान करने के लिए रजामंदी दी है। जब भी जरूरतमंद मरीज आएंगे, तो इसी लिस्ट में शामिल डोनर को फोन कर प्लेटलेट्स दान करने के लिए बुला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स दो प्रकार से मरीजों को दी जाती है। इसमें एक रैंडम डोनर प्लेटलेट्स होती है। इसमें प्लेटलेट्स पहले से निकाल कर सुरक्षित रख ली जाती है।

प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज को दी जाती है। इसके अलावा मरीजों की जीवनरक्षा के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की आवश्यकता होती है। इसमें डोनर से प्लेटलेट्स लिया जाता है। दूसरी तरफ मरीज को वहीं प्लेटलेट्स चढ़ता है। इसमें मरीज के ग्रुप वाले डोनर को तैयार किया जाता है। ऐसे में तीमारदारों के डोनर अनफिट होते है, तो उन्हें प्लेटलेट्स नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मरीजों के लिए बेहतर रहेगी।
इसके अलावा केजीएमयू ब्लड बैंक से ओ पाजिटिव ब्लड ग्रुप बिना डोनर के जरूरतमंद को दिया जा रहा है।

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