. विकास शर्मा ने किया पहली सर्जरी
लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब थायराइड का लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी शुरू कर दी गयी है। संस्थान में पहली सर्जरी संस्थान के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग ने विशेषज्ञ डाक्टरों ने की। यह सर्जरी आयुष्मान योजना के तहत एक युवती की गयी, जो कि सर्जरी के बाद स्वस्थ है।
लखीमपुर खीरी की रहने वाली युवती (22) को गले में थायराइड की गांठ की परेशानी के साथ गले में भारीपन और निगलने की समस्या होने लगी थी। युवती के परिजनों उसे लोहिया संस्थान की ओपीडी में डॉ. विकास शर्मा को दिखाने लाये थे। यहां पर सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा ने युवती की थायराइड की जांच करायी तो जांच में कोलाइड गोइटर नाम बीमारी की पुष्टि हुई। डॉ. विकास ने बताया कि इसके बाद परिजनों से बात करके लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी की गयी। इस सर्जरी में पैराथायराइड ग्रंथि व गले में आवाज की नस को बहुत सावधानी पूर्वक बचाया गया। अब तक इस तरह ओपन सर्जरी में हो पाता था। उन्होंने बताया कि थायराइड की गांठ की समस्या ज्यादातर युवा महिलाओं में ही होती है। अगर ओपन सर्जरी की जाए तो गले में चीरा का निशान दिखता है। इससे मरीज सामाजिक स्तर असहज हो जाता है। जब कि लेप्रोस्कोपिक तकनीक में सर्जरी का कोई निशान नहीं दिखता है।
डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि युवती के परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। इसके कारण आयुष्मान योजना के तहत संस्थान में दूरबीन विधि से थायराइड का सर्जरी बिल्कुल नि:शुल्क किया गया। लेप्रोस्कोपिक तकनीक से इलाज करने वाली टीम में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा के अलावा डॉ. गौरव, डॉ. अमित, एनेस्थीसिया डॉ. सूरज, नर्सिंग स्टॉफ तृप्ति, प्रियंका, अपूर्वा, ओटी असिस्टेंट रवींद्र व जियाउल का शामिल रहे।