लखनऊ। तमाम दावों के बाद भी बृहस्पतिवार को आंकड़ा 50 प्रतिशत भी नहीं पहुंच पाया। लखनऊ में देर शाम तक 48.70 प्रतिशत ही वैक्सीनेशन हो पाया था। बताया जाता है कि वैक्सीनेशन से पहले काफी संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मोबाइल फोन ही बंद मिले। इसी प्रकार काफी स्वास्थ्य कार्यकर्ता किसी न किसी बहाने से अवकाश पर देखे गये। अगर आंकड़ों को देखा जाए तो सबसे कम वैक्सीनेशन चिनहट में हुआ।
लखनऊ के 43 अस्पतालों को वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने 116 बूथ पर 14311 स्वास्थ्य कार्यकर्ताअों के वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक बूथ पर 125 कार्यकर्ता के वैक्सीनेशन के लक्ष्य के साथ सुबह नौ बजे से अभियान शुरू हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने देखा कि दोपहर दो बजे तक डफरिन, सिविल, बलरामपुर, केजीएमयू, लोहिया संस्थान में लगभग चालीस प्रतिशत ही वैक्सीनेशन हो पाया था। देखा गया कि दोपहर बार
लक्ष्य से कम वैक्सीनेशन होने पर आनन-फानन अफसरों ने वैक्सीनेशन को निर्धारित वक्त से देर तक वैक्सीनेशन कराया गया। वैक्सीनेशन कि ये जाने के बाद भी लक्ष्य से काफी दूर रहा। आंकड़ों के अनुसार 14311 में 6970 स्वास्थ्य कार्यकर्ता वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इस प्रकार करीब वैक्सीनेशन कराने का 48.70 प्रतिशत रहा। इससे पहले 16 जनवरी को पहला वैक्सीनेशन हुआ था। तब लगभग 70 प्रतिशत कार्यकर्ताओं ने वैक्सीनेशन करवाया था। वहीं 22 जनवरी को 57.80 प्रतिशत स्वास्थ्य कार्यकताओं ने वैक्सीन लगवाई थी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमके सिंह के मुताबिक लखनऊ में सबसे कम वैक्सीनेशन चिनहट में हुआ है। उन्होंने बताया कि बहुत से हेल्थ वर्कर छुट्टी पर थे। वे नहीं आ सके। कई स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संदेश पहुंचने के बाद भी नहीं आए।
डॉ. एमके सिंह ने बताया शुक्रवार को वैक्सीनेशन है। 43 अस्पतालों में 104 बूथ पर वैक्सीनेशन होगा। प्रत्येक बूथ पर 125 हेल्थ वर्कर का वैक्सीनेशन होगा। आंकड़ों के अनुसार लगभग 13000 हेल्थ वर्कर को वैक्सीन लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं को मैसेज भेज दिया गया है।












