केजीएमयू : कर्मचारी तबादला नीति में घिरा

0
879

 

Advertisement

 

10 कर्मचारियों का हुआ तबादला

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार तीन वर्ष कार्यकाल के आधार पर कर्मचारी का तबादला  नीति लागू कर दिया है। इसके तहत 10 कर्मचारियों का तबादला भी कर दिया गया, लेकिन कुछ खास विभाग में कर्मचारियों को तबादले के दायरे में नहीं आये है। इस पर कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है, पहले 15 से 20 वर्षो से एक ही सीत पर तैनात कर्मचारियों का तबादला करने की मांग शुरू कर दी है।
केजीएमयू प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार लाने के लिए तीन वर्षीय कार्यकाल के आधार पर तबादला नीति लागू कर दी गयी है। इसकी शुरूआत में 10 कर्मचारियों को तबादला किया गया है। इन सभी को तबादला का आधार तीन वर्षीय का कार्यकाल पूरा होने पर दूसरी जगह बताया गया है। शुक्रवार देर शाम तबादला आदेश जारी होने के बाद शनिवार को कर्मचारियों में तबादला नीति की चर्चा शुरू हुई। इस दौरान कौन कितने साल से एक ही पद पर जमा हुआ है इसकी आंकलन किया जाने लगा। इसमें कर्मचारियों को आंतरिक राजनीति भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर हावी लगी। कर्मचारियों ने करीब 50 कर्मियों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो कि एक ही विभाग की सीट पर 15 वर्ष से तैनात हैं। लिस्ट को अगर देखा जाए तो इनमें ज्यादातर कर्मी खुद कुलसचिव और वित्त नियंत्रक कार्यालय में तैनात हैं। इसके बाद कर्मचारियों की केजीएमयू प्रशासन से मांग है कि पहले लम्बे वर्षो से तैनात कर्मियों की लिस्ट तैयार करें। वरीयता के आधार पर तबादला करें, जो लोग वर्षो से एक ही विभाग की सीट पर है पहले उनका तबादला होना चाहिए। इस मांग के बाद केजीएमओ प्रशासन को फिलहाल अभी कोई ठोस जवाब नहीं सूझा है, लेकिन कर्मचारियों ने इसको पहल करते हुए सोमवार को कुलसचिव से वार्ता करने का निर्णय लिया है।
केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधाीर का कहना है कि सभी कर्मचारियों एक साथ तबादला नहीं किया जा सकता। जो लोग वर्षो से एक ही सीट पर है,ं उन्हें भी कु लसचिव कार्यालय द्वारा जल्द ही तबादला किया जाएगा

Previous articleएंडोस्कोपी कर रोक दी इंटरनल ब्लीडिंग, बची जान
Next article  अवध एसोसिएशन ऑफ प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट, संरक्षक अरविंद निगम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here