कुलसचिव कुलपति सहित जिम्मेदार अधिकारी भी संक्रमण की चपेट में
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय कोरोना संक्रमण का केंद्र बनता जा रहा है। यहां संक्रमण की चपेट में कुलपति, कुलसचिव, चिकित्सा अधीक्षक , माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख सहित लगभग आधा दर्जन से ज्यादा डॉक्टर कोरोना संक्रमण की चपेट में है। केजीएमयू के आंकड़ों को देखा जाए तो लगभग 12 से ज्यादा वरिष्ठ डॉक्टर और रेजिडेंट जूनियर 3 दर्जन से ज्यादा कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यही नहीं नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य कर्मी और अन्य कर्मचारी भी 50 से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉक्टर सुधीर कुमार का कहना है कि केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ विपिन पुरी कोरोना संक्रमित है। हालांकि उनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। इससे पहले उनके स्टाफ दो लोग संक्रमित हो गए हैं। 2 दिन पहले केजीएमयू के कुलसचिव भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके अलावा बीती रात चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीके ओझा की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। कुछ दिन पहले मेडिसन विभाग तथा डेंटल यूनिट के डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके अलावा अन्य विभागों के डॉ अभी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। केजीएमयू में सबसे ज्यादा रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। संक्रामक रोग विभाग को जहां पर कोरोना संक्रमित में मरीजों का इलाज होता है। यहां पर डॉक्टरों की टीम संक्रमित हो रही है। ट्रामा सेंटर रेडियो डायग्नोसिस सेंटर हर जगह रेजिडेंट डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ मरीजों के सीधे संपर्क में रहने के कारण संक्रमण की चपेट में आ रहा है। इसके साथ ही वहां काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मी और अन्य कर्मचारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण एक कर्मचारी की मौत तक हो चुकी है। फिलहाल संक्रमण के बीच में भी मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी अपने को बचाने में कोशिश में है।












