लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिंब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाये जाने का विरोध करते हुए दर्जनों दिव्यागों ने प्रदर्शन किया। लिंब सेंटर के गेट पर दर्जनों दिव्यागों ने नारे लिखी पट्ी लेकर नारेबाजी की। इसके बाद दिव्यागों ने अपनी -अपनी दुपंिहया वाहनों से केजीएमयू परिसर में घूम- घूम कर प्रदर्शन करने के कुलपति व कु लसचिव कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। दिव्यांगों का कहना है कि जब तक लिंब सेंटर में कोविड-19 अस्पताल बनाने का आदेश वापस नहीं होता है, तब आंदोलन चलता रहेगा। इसके साथ ही अगर उनकी बात नहीं मानी गयी, तो वह लोग आत्मदाह तक कर सकते है।
लिंब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाये जाने की कवायद चल रही है, लेकिन शासन ने दिव्यांगों के लिए वर्कशाप को छोड़ दिया था आैर रास्ता भी अलग कर दिया था। केजीएमयू कुलसचिव ने अचानक आदेश जारी करके वर्कशाप को 24 घंटे में शताब्दी फेज दो में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिया। बताते है कि अगर वर्कशाप की मशीनों को शिफ्ट किया जाता तो कई महत्वपूर्ण मशीनें बेकार हो सकती थी। यही नहीं शताब्दी में दी गये स्थान पर सीवर का पानी भी भरा रहता है। जब कि केजीएमयू प्रशासन ने न्यायालय में शपथ ले रखा है कि दिव्यागों का वर्कशाप को नहीं तोड़ा जाएगा। लगातार हो रहे विरोध के बाद 24 घंटे के भीतर ही वर्कशाप हटाने का आदेश वापस ले लिया गया, लेकिन दिव्यांगों ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंदोलन करने की तैयारी कर ली। आज दर्जनों की संख्या में दिव्यांगों ने लिंब सेंटर के वर्कशाप वाले गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में नारे लिखी पट्टी लिए हुए थे। उनका कहना था कि केजीएमयू प्रशासन दिव्यांगों के साथ छल कर रहा है। शासन की नीतियों के खिलाफ जा रहा है। लिंब सेंटर पर प्रदर्शन करने के बाद दिव्यांग जन दुपहिया वाहनों से ट्रामा सेंटर सहित परिसर में नारेबाजी करते हुए कुलसचिव व कुलपति कार्यालय के सामने जाकर जमकर प्रदर्शन किया। दिव्यांगों काकहना है कि जब तक आदेश वापस नही हो जाता है तो आंदोलन चलता रहेगा।












