लखनऊ। शुक्रवार को उपछाया चंद्र ग्रहण ज्येष्ठ की मास की पूर्णिमा को है । इस वर्ष उपछाया चंद्र ग्रहण भारत में रहेंगा। उपछाया चंद्र ग्रहण तब लगता है, जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपछाया से ही वापस लौट जाता है। इस लिए ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक उपछाया चंद्र ग्रहण का कोई भी धार्मिक असर मान्य नहीं होगा। ज्योतिषाचार्यो की माने तो उपछाया चंद्र ग्रहण की शुरुआत शुक्रवार की रात 11 :16 बजे से होगी, ग्रहण का शीर्ष रात 12.54 बजे तक होगा।
मोक्ष 6 जून को सुबह 02:32 मिनट पर होगा। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा के आकार में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। इतना होगा कि चंद्रमा की छवि कुछ धुंधली जरूर हो जाएगी और यह कुछ मटमैला सा दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठ नक्षत्र में लग रहा है। पंचांग के अनुसार 21 जून को सूर्य ग्रहण और 5 जुलाई को फिर से उपछाया ग्रहण होगा।












