लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्याल के लिम्ब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाने से पीजी की 15 सीटें रेड जोन में आ सकती हैं। सेंटर में चल रहे पांच विभागों में यह पीजी सीट पर पाठ¬क्रम चल रहा है। हास्पिटल बनने के बाद अगर विभागों को मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं होने की स्थिति में मेडिकल काउंसिल आफ इडिया की टीम निरीक्षण के बाद मान्यता समाप्त कर सकती है।
बताते चले कि लिम्ब सेंटर में आर्थोपेडिक्स, रिह्यूमोटोलॉजी, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग चल रहा है। इसके साथ ही वर्ष भर पहले पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स, स्पोट्र्स मेडिसिन शुरू किये गये हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आर्थोप्लास्टी और स्पाइन सर्जरी के लि अलग से विभाग बनाने की तैयारी चल रही है। अब केजीएमयू प्रशासन लिम्ब सेंटर को कोविड -19 हॉस्पिटल बनाने की तैयारी कर रहा है। बताया जाता है कि इन सब सभी विभागों को अलग स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएमआर विभाग की उपकरणों को अन्य स्थान पर लगाकर तत्काल संचालन शुरू होना संभव नहीं है। ऐसे में मरीज आैर विभाग दोनों को प्रभावित होंगे।
बताते चले कि आर्थोपेडिक्स विभाग में पीजी की सीटें 12 से बढ़ककर 18 हो चुकी हैंं। रिह्यूमोटोलाजी विभाग में सीट दो से बढ़कर चार हुई हैं। पीएमआर में चार सीट बढ़ चुकी हैं। दो सीट बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स और स्पोट्र्स मेडिसिन भी पीजी की सीटों के लिए दो-दो सीटों और स्पाइन सर्जरी की एक सीट के लिए आवेदन करने की तैयारी में है। बताया जाता है कि दो महीने बाद एमसीआई की टीम यहां निरीक्षण करेगी।केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर सिंह का कहना है कि विभागों को उनके मूल स्थान से अभी हटाया नहीं गया है। यदि उन्हें कहीं शिफ्ट किया जाएगा तो केजीएमयू प्रशासन दूसरे स्थान पर संसाधन उपलब्ध कराएगा। केजीएमयू प्रशासन किसी भी कीमत पर सीटें घटने नहीं देगी।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












