लखनऊ। आलमबाग स्थित अजंता अस्पताल में गुरुवार को विश्व गुर्दा दिवस पर गुर्दा मरीजों को बचाव के प्रति जागरूक किया गया। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कविता विश्वकर्मा ने कहा कि बिना डाक्टर की सलाह के गुर्दा मरीजों को दवा नही लेनी चाहिए। संयमित खानपान और नियमित जांच से गर्दे का बचाव संभव है। दिल, डायबिटीज, मोटापा, पथरी और पेशाब में संक्रमण वाले मरीज को गुर्दे की प्रति सचेत रहना चाहिए। इन लोगों में गुर्दे की बीमारी होने की आंशका अधिक होती है। इन लोगों में प्रोटीन का बहाव, लाल रक्त और पेशाब में डब्लूबीसी के कण की मात्रा लगातार घटने लगती है। इसके बचाव हेतु यह लोग समय-समय पर पेशाब और खून की जांच कराते रहें।
अजंता के प्रबंध निदेशक डॉ. अनिल खन्ना ने कहा कि गुर्दा मरीजों के लिए अस्पताल में अलग से सुविधा है। आईवीएफ विशेषज्ञ और अस्पताल की निदेशक डॉ. गीता खन्ना के निर्देशन में करीब 100 गुर्दा मरीजों के बीच गुर्दे से जुड़ी जानकारी पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता सभी ने इनाम जीतें। डायलिसिस यूनिट नेफ्रोपल्स ने समारोह में हिस्सा लिया। नेफ्रोपल्स ने मरीजों उपहार भी दिए।
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