यहां की तुलना में शहरों में तिगुना है बांझपन की समस्या

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लखनऊ। कोलकाता से डॉ. इंद्रनील दत्ता को शान्ति यादव अवार्ड इन इनफर्टिलिटी अवार्ड से नवाजा गया। उन्होंने बताया कि गाँवों की तुलना में शहरों में तीन गुना बांझपन की समस्या है। गाँव में जहाँ 20 प्रतिशत ही मामले आते हैं, तो वहीँ शहरों में यह आंकड़ा 60 फीसदी तक है। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि शहरों में देर से शादी, नशा करना आदि कई समस्याएं हैं। जिसकी वजह से बाँझपन की समस्या लगातार बड़ी होती जा रही है। उन्होंने बताया कि कैरियर को लेकर अक्सर युवा शादी में देर करते हैं, जिसकी वजह से बांझपन की समस्या तो होती है साथ ही प्रेग्नेंसी के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शादी और बच्चों की प्लानिंग करना बेहद जरुरी होता है।

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