लखनऊ – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आयोजित एमबीबीएस के वर्ष 2014 बैच के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप ओरिएंटेशन कोर्स के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इंटर्नस को व्याख्यानमाला के माध्यम से मरीज के रक्त, यूरिन आदि के सैंपल लेने तौर तरीके, प्रोफेशनल एथिक्स,स्ट्रेस मैनेजमेंट आदि से संबंधित जानकारियां दी। साथ ही उन्हें चिकित्सकीय पेशे में होने वाले खतरों से भी अवगत कराया गया।
सप्ताहव्यापी स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि चिकित्सक व रोगी के मध्य सही कम्यूनिकेशन से ही मरीज की समस्या का समाधान किया जा सकता है, लिहाजा इंटर्नस को इस पर गौर करना होगा। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो.रवि कांत ने कहा कि एक अच्छे चिकित्सक के लिए अपने कार्य की व्यस्तताओं के साथ साथ मेडिकल के क्षेत्र में आ रहे नित नए बदलावों व अनुसंधान को लेकर भी अपडेट रहना जरूरी है।
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि नवीनतम जानकारियों के बिना एक चिकित्सक रोगी का बेहतर उपचार नहीं कर सकता। मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष प्रो. शालिनी राव ने बताया कि 9 जनवरी तक चलने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य इंटर्नस को मरीजों से रूबरू होने से पूर्व अस्पताल की नीतियों व कार्य संस्कृति से अवगत कराना है। प्रो.बिनय कुमार बस्तिया ने इंटर्नस को अस्पताल में रोगियों से संबंधित जरूरी कानूनी दस्तावेजों की जानकारी दी। डा.गौरव चिकारा ने एम्स की फार्मेसी में दवाओं की उपलब्धता और डा.विशाल धीमान ने स्ट्रेस मैनेजमेंट पर व्याख्यान दिया। डा. फरहान उल हुदा ने इंटर्नस को प्रोफेशनल एथिक्स के बारे में बताया।
डा.तरुण गोयल ने उन्हें टास्क के तौर पर जटिल केस दिए और उनसे समाधान के लिए राय मांगी। इस दौरान उन्हें चिकित्सकीय पेशे में होने वाले खतरों के बारे में बताया गया और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। डा. मीनाक्षी धर,डा.प्रतिमा गुप्ता व डा.अमीषा मिर्जा ने मरीज की खून, एक्सरे,अल्ट्रासाउंड आदि जांच का पर्चा भरने,ब्लड,पस,यूरिन, बलगम, स्टूल आदि का सैंपल कलेक्ट व उन्हें लैब तक ट्रांसपोर्ट करने का तौर तरीके बताए। जबकि डा.सुशांत ने ब्लड बैंक में ब्लड निकालने, प्लेटलेट्स अलग करने और मरीज को ब्लड चढ़ाने संबंधी जानकारी दी।
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